SIR विवाद पर कांग्रेस से बोले राकेश जैन—आरोपों के साथ प्रमाण भी सामने रखे

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 28 सितंबर। एसआईआर को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को यदि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका है तो वह अपने आरोपों के समर्थन में ठोस दस्तावेज और प्रमाण जनता के सामने रखे। केवल आरोप लगाकर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

राकेश जैन ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से जुड़े विषयों पर राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए। कांग्रेस यदि एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का दावा कर रही है तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके पास इसके समर्थन में कौन से तथ्य और दस्तावेज हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी एसआईआर को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर कई सवाल उठाए हैं और कांग्रेस से अपने दावों के प्रमाण सामने रखने को कहा है। राकेश जैन ने कहा कि कांग्रेस के पास यदि ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

भाजपा शहर जिला अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगाए जाने वाले गंभीर आरोप तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त प्रमाण के लगाए गए आरोपों से मतदाताओं के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

राकेश जैन ने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर तथ्यों के आधार पर संवाद करना चाहिए। यदि एसआईआर को लेकर उसके पास कोई ठोस आपत्ति या प्रमाण है तो उसे संबंधित संवैधानिक अथवा वैधानिक मंच के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकारें विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर कार्य कर रही हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन इन मतभेदों को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोपों का रूप देने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

राकेश जैन ने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह एसआईआर से जुड़े अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण सार्वजनिक करे और जनता के बीच तथ्यात्मक एवं जिम्मेदार संवाद को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और संबंधित संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है।

Pramukh Samvad

ताजा खबरों को देखने के लिए प्रमुख संवाद से जुड़े

https://www.pramukhsamvad.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!