Written by : Sanjay kumar
अजमेर, 29 जून।
राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली हाई सिक्योरिटी जेल सोमवार को उस समय सनसनी का केंद्र बन गई, जब कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसी की बैरक में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इस वारदात ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जगन गुर्जर की हत्या उसी के साथ बैरक में बंद भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने गमछे से गला घोंटकर की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि जगन लगातार उसे छोटी-छोटी बातों पर अपमानित करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इसी से तंग आकर उसने वारदात को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह नाश्ते के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद दोनों बैरक में चले गए। दोपहर करीब तीन बजे जेल खुलने पर जगन गुर्जर अचेत अवस्था में मिला। जांच में उसकी मौत गला घोंटने से होना सामने आया, जिसके बाद जेल परिसर में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल और एमओबी टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, जबकि न्यायिक अधिकारी ने भी मौके का निरीक्षण किया। शव को कड़ी सुरक्षा के बीच जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
आरोपी विष्णु का आपराधिक इतिहास भी बेहद गंभीर बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह पहले बाइक चोरी के मामलों में जेल पहुंचा था, लेकिन जेल के दौरान संगठित अपराधियों के संपर्क में आकर शूटर बन गया। वर्ष 2023 में भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड में उसका नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल हुआ था।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाई सिक्योरिटी जेल जैसी अत्यधिक सुरक्षित मानी जाने वाली जगह में एक बंदी ने दूसरे बंदी की हत्या कैसे कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली जांच के दायरे में आ गई है।
