ACB कार्यवाही : कृषि विभाग की निरीक्षण टीम की गाड़ी से 2.63 लाख रुपए बरामद, अवैध वसूली के आरोप?

Written by : Sanjay kumar

जयपुर/शाहपुरा, 2 जुलाई।

हाईवे पर रुकी गाड़ी, खुला संदिग्ध नकदी का खेल

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कृषि विभाग की निरीक्षण टीम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शाहपुरा के निकट विभाग की एसयूवी को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कृषि सैम्पलों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सीलबंद बैगों से कुल 2 लाख 63 हजार 500 रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद होने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह राशि औद्योगिक इकाइयों से कथित अवैध वसूली की हो सकती है।

तीन दिन तक निगरानी के बाद हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार एसीबी की विशेष अनुसंधान इकाई (SIU) को सूचना मिली थी कि जयपुर से आई कृषि विभाग की निरीक्षण टीम भिवाड़ी और कोटपूतली क्षेत्र में खाद, बीज और कीटनाशक निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर कार्रवाई का भय दिखाकर कथित वसूली कर रही है। सूचना के सत्यापन के लिए एसीबी ने लगातार तीन दिनों तक टीम की गतिविधियों पर नजर रखी और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद शाहपुरा में कार्रवाई को अंजाम दिया।

दो अधिकारियों के बैग से मिली नकदी

तलाशी के दौरान कृषि अधिकारी महेश कुमार मीणा के बैग से 1 लाख 48 हजार 500 रुपये तथा कृषि अधिकारी चंदाराम गुर्जर के बैग से 1 लाख 15 हजार रुपये बरामद किए गए। टीम में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव तथा चालक रमेशचंद्र मीणा भी मौजूद थे। सभी से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों की व्यक्तिगत तलाशी में भी लगभग 11 हजार रुपये नकद मिले हैं। एसीबी अब बरामद राशि के स्रोत और इससे जुड़े संभावित लोगों की पहचान में जुटी है।

सीलबंद सैम्पल बैग में छिपाई गई थी रकम

जांच में सामने आया कि संदिग्ध नकदी को कृषि सैम्पलों की सीलबंद थैलियों के भीतर अलग-अलग पॉलिथीन में छिपाकर रखा गया था, ताकि जांच के दौरान किसी को संदेह न हो। लेकिन एसीबी अधिकारियों ने सीलबंद बैग खुलवाकर पूरी तलाशी ली, जिसके बाद नकदी बरामद हुई और पूरा मामला उजागर हो गया।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच

पूरे मामले की जांच एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि बरामद नकदी किन औद्योगिक इकाइयों से ली गई, क्या इसमें विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल हैं और क्या यह संगठित अवैध वसूली का मामला है। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों के आवासों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार पर लगातार शिकंजा, हाल ही में हुई अन्य कृषि विभाग में ACB कार्यवाहियाँ:

  • जून 2026: बीज निगम से जुड़े एक मामले में नकली खाद-बीज रैकेट और रिश्वतखोरी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया गया。
    मई 2026: बारां जिले में कृषि विस्तार विभाग के संयुक्त निदेशक (Joint Director) आनंदी लाल मीणा को ₹8000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था

Pramukh Samvad

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