Writtan by: Sanjay kumar
जोधपुर/बालोतरा, 4 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान दौरे के दौरान प्रदेश को लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये की मेगा विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पैदा हुए 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट से भारत अपनी मजबूत इच्छाशक्ति, समय पर लिए गए निर्णयों और प्रभावी कूटनीति के दम पर सफलतापूर्वक बाहर निकला। उन्होंने कहा कि संकट के दौरान कुछ लोगों ने अफवाहें फैलाकर देश में भ्रम और अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की, लेकिन देशवासियों ने उन प्रयासों को नाकाम कर दिया।
अफवाह फैलाने वालों पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सरकार ने हर स्तर पर संवेदनशील और दूरदर्शी फैसले लिए। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें जनता में डर और भ्रम फैलाने में लगी थीं तथा राजनीतिक लाभ के लिए अफवाहें फैलाई गईं, लेकिन देश ने धैर्य और विश्वास बनाए रखा। उन्होंने कहा कि संकट के समय भारत की नीतिगत क्षमता और कूटनीतिक मजबूती पूरी दुनिया के सामने उदाहरण बनकर उभरी।
सरकार ने जनता पर नहीं पड़ने दिया अतिरिक्त बोझ
प्रधानमंत्री ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए तेल कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई सरकार ने अपने स्तर पर की। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी कम कर आम जनता को राहत देने का निर्णय लिया ताकि महंगाई का अतिरिक्त बोझ लोगों पर न पड़े।
40 से अधिक देशों से ईंधन आयात कर बनाई नई रणनीति
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संकट से पहले भारत लगभग 25-26 देशों से ईंधन आयात करता था, लेकिन संकट के दौरान भारत ने अपनी कूटनीतिक ताकत का प्रभावी उपयोग करते हुए 40 से अधिक देशों से ईंधन आयात की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्रहित और नागरिकों का हित सर्वोपरि है तथा इसी नीति के कारण देश ऊर्जा संकट से मजबूती के साथ बाहर निकला।
जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का लोकार्पण
प्रधानमंत्री ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन, व्यापार तथा निवेश को नई गति मिलेगी। आधुनिक टर्मिनल पश्चिमी राजस्थान की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित
बालोतरा जिले के पचपदरा में प्रधानमंत्री ने लगभग 79,450 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देगी तथा पश्चिमी राजस्थान में पेट्रोकेमिकल उद्योग, प्लास्टिक पार्क और हजारों रोजगार के नए अवसर तैयार करेगी।
जयपुर मेट्रो फेज-2 और रेलवे परियोजनाओं को मिली गति
प्रधानमंत्री ने जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला रखी, जिसकी अनुमानित लागत 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। इसके तहत 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर और 36 स्टेशन विकसित किए जाएंगे। साथ ही चूरू-सादुलपुर तथा चूरू-रतनगढ़ रेल लाइन दोहरीकरण परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। जोधपुर रिंग रोड सेक्शन-2 के फोरलेन निर्माण का उद्घाटन भी किया गया, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
ग्रीन एनर्जी में राजस्थान को नई पहचान
प्रधानमंत्री ने बीकानेर में 1000 मेगावाट क्षमता की एसजेवीएन सौर परियोजना तथा 300 मेगावाट क्षमता की एनएचपीसी करणीसर सौर परियोजना राष्ट्र को समर्पित की। इसके साथ ही विद्युत पारेषण नेटवर्क के विस्तार और 530 किलोमीटर लंबी नई ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखी गई। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राजस्थान देश का अग्रणी ग्रीन एनर्जी हब बनकर उभरेगा।
राजस्थान के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं से राजस्थान में उद्योग, पर्यटन, परिवहन, रेलवे, ऊर्जा और आधारभूत ढांचे को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और पश्चिमी राजस्थान के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा , केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू तथा गजेंद्र सिंह शेखावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
