Written by : Sanjay kumar
करौली, 9 जुलाई। पांचना बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर करौली और सवाई माधोपुर जिलों में उपजे विवाद के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट वायरल होने के बाद यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पुलिस ने वैमनस्य फैलाने और माहौल बिगाड़ने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए हैं।
किसानों के आंदोलन के बाद खुला मुख्य मार्ग
नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों ने वजीरपुर के कुसांय गांव के पास हिंडौन-गंगापुर मुख्य मार्ग पर तीन दिनों तक जाम लगा रखा था। देर रात कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा धरना स्थल पहुंचे और किसानों को भरोसा दिलाया कि नहरों की तकनीकी खराबियां दूर कर दस दिनों के भीतर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री के आश्वासन के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर दिया, जिसके बाद गंगापुर सिटी-हिंडौन, करौली-गंगापुर सिटी, करौली-धौलपुर, करौली-हिंडौन और करौली-मंडरायल सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात फिर से सुचारु हो गया।
हाई लेवल बैठक में बनी आगे की रणनीति
गंगापुर सिटी मिनी सचिवालय में जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कानून-व्यवस्था, जल वितरण, नहरों की तकनीकी समस्याओं और किसानों की मांगों पर विस्तार से चर्चा कर आगे की कार्ययोजना तय की गई।
17 और 18 जुलाई को होगा बड़ा परीक्षण
बैठक में निर्णय लिया गया कि पांचना बांध के गेटों और संबंधित संरचनाओं की मरम्मत अगले सात दिनों में पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद 17 और 18 जुलाई को किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में गेटों का दोबारा परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़कर पूरी जल वितरण व्यवस्था की जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में किसानों को निर्बाध सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सके।
