Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 16 जुलाई। राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव में हो रही देरी को लेकर गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने चुनाव आयोग और OBC आयोग के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। अदालत ने राज्य चुनाव आयोग को पांच दिन के भीतर चुनाव की तारीख बताने का निर्देश दिया है।
चुनाव आयोग से पूछा- अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से सवाल किया कि चुनाव कराने में इतनी देरी क्यों हो रही है और उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। इस पर राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अदालत को बताया कि चुनाव कराने की सभी तैयारियां पूरी हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से आरक्षण का अंतिम वर्गीकरण अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर जानकारी देगी, आयोग दो दिन के भीतर चुनाव प्रक्रिया शुरू कर देगा।
OBC आयोग से भी मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने OBC आयोग की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार ने 9 मई 2025 को आयोग का गठन तीन माह के लिए किया था, फिर अब तक रिपोर्ट क्यों नहीं सौंपी गई। कोर्ट ने OBC आयोग को निर्देश दिया कि वह सोमवार तक स्पष्ट बताए कि रिपोर्ट सरकार को कब तक सौंपेगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया में और देरी न हो।
31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश की याद दिलाई
खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि 22 मई को राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर अदालत ने नाराजगी जताई और सभी संबंधित पक्षों से तय समयसीमा में जवाब प्रस्तुत करने को कहा।
सोमवार को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की है। अदालत ने संकेत दिए हैं कि यदि तय समयसीमा में आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो मामले में आगे कड़े निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
