Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 15 जुलाई। मोखापाड़ा स्थित 384 वर्ष पुराने ऐतिहासिक श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर के पुनर्निर्माण के उपरांत आयोजित चार दिवसीय पुनः प्रतिष्ठा स्थापना महोत्सव बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के बीच भव्य रूप से संपन्न हो गया। महोत्सव के अंतिम दिन भगवान श्री लक्ष्मीनाथ एवं महर्षि गौतम की प्रतिमाओं की वैदिक विधि-विधान के साथ वेदी पर प्रतिष्ठा की गई। जैसे ही प्रतिमाएं वेदी पर विराजमान हुईं, पूरा मंदिर परिसर “जय श्री लक्ष्मीनाथ” और “महर्षि गौतम की जय” के जयघोष से गूंज उठा। इस दिव्य क्षण का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे।

श्री गौतम गौड़ हितकारिणी समिति, कोटा के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन का सानिध्य संत शिरोमणि बाल किशन जी महाराज (ककोड़ वाले) ने प्रदान किया। कार्यक्रम संयोजक हीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि मुख्य आचार्य पंडित संजय चतुर्वेदी के निर्देशन में विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन, अनुष्ठान और प्राण प्रतिष्ठा की सभी धार्मिक विधियां पूर्ण कराईं। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर, मोखापाड़ा के अध्यक्ष प्रमोद गौतम एवं महामंत्री डॉ. बृज सुंदर गौतम ने बताया कि पुनः प्रतिष्ठा के पश्चात भगवान श्री लक्ष्मीनाथ की 108 दीपों से भव्य महाआरती की गई। दीपों की मनमोहक आभा, शंख-घड़ियाल की गूंज और श्रद्धालुओं के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। महाआरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम के सह संयोजक एडवोकेट मनोज गौतम ने बताया कि चार दिवसीय महोत्सव के दौरान कलश यात्रा, विष्णु सहस्रनाम पाठ, अभिषेक, हवन-यज्ञ, संगीतमय भजन-कीर्तन तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया और मंदिर में पूरे समय उत्साह एवं आस्था का वातावरण बना रहा।
महोत्सव के समापन अवसर पर पुष्पेन्द्र गौतम, अरविन्द आचार्य, शशि प्रकाश गौतम, सत्य प्रकाश जोशी, गुमाना राम, जगदीश शर्मा, ध्रुव गौतम, परमानंद शर्मा, बुद्धिप्रकाश शर्मा, राकेश आचार्य, मुकेश आचार्य, ओमप्रकाश गौतम, राकेश पंडित, पवन, संजीव गौतम, जितेंद्र गौतम सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
