Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 16 जुलाई।
खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने गुरुवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने चम्बल परियोजना की दांयी मुख्य नहर में जलप्रवाह तत्काल बढ़ाने की मांग करते हुए अतिरिक्त संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश कलमण्डा, लाडपुरा तहसील अध्यक्ष दाऊशंकर शर्मा और कोटा महानगर अध्यक्ष बृजराज नागर ने किया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने “सूखती फसलें करें पुकार, नहरों में पानी बढ़ाओ सरकार” और “नहीं किसी से भीख मांगते, हम अपना अधिकार मांगते” जैसे नारों के साथ सरकार और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
जिलाध्यक्ष जगदीश कलमण्डा ने कहा कि क्षेत्र में इस बार पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ की फसलें पूरी तरह नहरी सिंचाई पर निर्भर हैं। किसान आंदोलन के बाद नहरों में पानी छोड़ा गया, लेकिन वर्तमान जलप्रवाह इतना कम है कि पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय नहर के तल तक ही सीमित रह गया है। इससे किसानों के सामने फसलों को बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
जिला मंत्री रूपनारायण यादव ने बताया कि किसानों की मांग है कि दांयी मुख्य नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाए, ताकि अंतिम छोर तक स्थित किसानों के खेतों में भी सिंचाई हो सके। उन्होंने कहा कि समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खरीफ फसलें सूखने की कगार पर पहुंच सकती हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
जिला कोषाध्यक्ष देवीशंकर गोचर और जिला जैविक प्रमुख राजेन्द्र नागर ने कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो भारतीय किसान संघ किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में संभाग विपणन प्रमुख मुकुटबिहारी, जिला कार्यालय मंत्री महावीर नागर, महानगर सह मंत्री रामसहाय उपाध्याय, महानगर प्रचार प्रमुख कमलेश जांगिड़, लाडपुरा तहसील मंत्री सूरजमल, महेन्द्र गुर्जर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
