Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 23 जुलाई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा देहात ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जेवीवीएनएल सुल्तानपुर के कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) और फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर बिजली कनेक्शन की विजिलेंस चेक रिपोर्ट (वीसीआर) नहीं भरने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि 20 जुलाई को परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसके पिता के नाम दर्ज बिजली कनेक्शन के संबंध में निरीक्षण के बाद जेईएन पंकज वर्मा ने एफआरटी कर्मचारी दानमल के माध्यम से वीसीआर नहीं भरने के बदले 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत के नेतृत्व में शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। परिवादी के आग्रह पर आरोपियों ने रिश्वत की राशि घटाकर 2 हजार रुपए कर दी, जिसमें पहली किस्त के रूप में 1 हजार रुपए पहले ही ले लिए गए थे।
बुधवार शाम एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए एफआरटी कर्मचारी दानमल को परिवादी से शेष 1,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई। जांच के दौरान जेईएन पंकज वर्मा की भूमिका और मिलीभगत सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक शरीफ अहमद एवं उनकी टीम ने अंजाम दी। एसीबी ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है तथा मामले में अन्य व्यक्तियों की भूमिका होने पर उसके संबंध में भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
