Written by : Sanjay kumar
नई दिल्ली: नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमताओं के खिलाफ विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा और कड़ा कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के सांसदों ने गुरुवार को दिल्ली में एक संयुक्त बस यात्रा निकाली और गांधी स्मृति पहुंचकर प्रभावित छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता जताई।
यात्रा से पूर्व राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर विपक्षी सांसदों की एक उच्चस्तरीय रणनीति बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस, आरजेडी, सीपीआई(एम) सहित कई प्रमुख दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद सभी सांसद एक ही बस में सवार होकर गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए।
‘छात्र सड़कों पर हैं, तो विपक्ष भी साथ खड़ा है’ — राहुल गांधी
बस यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा:
“देश का युवा और छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहा है। ऐसे में विपक्ष का यह नैतिक कर्तव्य है कि वह उनकी आवाज बने। सरकार ने हमें इंडिया गेट जाने से रोका और रास्ते में बैरिकेडिंग की, लेकिन हमारा संदेश साफ है—देश के लाखों छात्रों के संघर्ष में हम संसद से लेकर सड़क तक उनके साथ हैं।”
विपक्ष के प्रमुख आरोप और आंकड़े
- आरजेडी सांसद संजय यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बीते 10 वर्षों में देशभर में 152 से अधिक पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, लेकिन किसी भी बड़े दोषी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
- सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की जायज मांगों और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष की 5 मुख्य मांगें:
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
- समयबद्ध निष्पक्ष जांच: नीट पेपर लीक मामले की त्वरित और पारदर्शी जांच कराई जाए।
- NTA की जवाबदेही: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की जवाबदेही तय हो और परीक्षा प्रणाली में मूलभूत सुधार किए जाएं।
- कड़ा एक्शन: दोषियों और माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- संसद में जवाब: सरकार इस गंभीर मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर देश को स्पष्ट जवाब दे।
विपक्षी नेताओं ने आंदोलन के दौरान प्रभावित, घायल और जान गंवाने वाले युवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पूर्व, पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित अन्य नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, यह जन-आंदोलन जारी रहेगा।
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