Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 4 अगस्त।
मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस’ के तहत कोटा ग्रामीण पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, वहीं दूसरी ओर पुलिसिया डर के कारण दो अंतर्राज्यीय तस्करों की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है।
घटनाक्रम: नाकाबंदी तोड़ भागने से चंबल के पुल तक
बूढ़ादीत थाना क्षेत्र में नियमित चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध उत्तर प्रदेश (UP) नंबर की कार ने पुलिस नाकाबंदी को तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस टीम द्वारा मुस्तैदी दिखाते हुए तत्काल गाड़ी का पीछा किया गया। खाकी को पीछे देख तस्करों में हड़कंप मच गया।
लगभग 15 किलोमीटर तक चले हाई-स्पीड चेज के बाद एक्सप्रेस-वे स्थित चंबल नदी के पुल पर आरोपी अपनी कार छोड़कर भागने लगे। पुलिस की गिरफ्त में आने के डर से दोनों आरोपियों ने बिना सोचे-समझे पुल से नीचे छलांग लगा दी।
100 फीट नीचे पत्थरों पर गिरे, मौके पर ही दम तोड़ा
पुल की ऊंचाई लगभग 100 फीट थी और नीचे पानी न होकर मिट्टी व पथरीली जमीन थी। इस वजह से दोनों तस्कर गंभीर रूप से चोटिल हो गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी—अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा व पुलिस उपाधीक्षक (इटावा) ओमप्रकाश FSL और MOB टीमों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के बाद दोनों शवों को सुल्तानपुर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
117 किलो अवैध डोडा-चूरा जब्त
पुलिस टीम ने भागने के दौरान सड़क किनारे फेंका गया 117 किलोग्राम अवैध डोडा-चूरा बरामद कर लिया है। साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई UP नंबर की कार को भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस का वक्तव्य:
“हमारा प्राथमिक उद्देश्य नशे के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। वाहन के नंबर प्लेट की सत्यता, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके सप्लाई नेटवर्क की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा।”
— दीप्ति रानी मीणा, थाना प्रभारी (बूढ़ादीत)
