Written by : प्रमुख संवाद
जयपुर/कोटा, 6 अगस्त
राजस्थान में छात्रसंघ चुनावों की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने गुरुवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर चढ़ गए, जिससे परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बाद में कार्यकर्ता जुलूस के रूप में जेएलएन मार्ग की ओर बढ़ने लगे, जहां पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए 36 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
परिषद ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने शीघ्र छात्रसंघ चुनावों की घोषणा नहीं की तो प्रदेशभर में व्यापक और उग्र आंदोलन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक अधिकार हैं और उन्हें लंबे समय तक स्थगित रखना उचित नहीं है।
उदयपुर में भी आमने-सामने आए ABVP और NSUI कार्यकर्ता
इधर, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर में भी छात्रसंघ चुनावों की मांग को लेकर माहौल गरमा गया। आर्ट्स कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद कराने और कुलपति कार्यालय पर झंडा हटाने को लेकर ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
तीन वर्षों से चुनावों पर लगी रोक बनी विवाद का कारण
राजस्थान में पिछले तीन वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं। इससे पहले NSUI, निर्दलीय छात्र नेताओं तथा विभिन्न छात्र संगठनों ने भी चुनाव बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव नेतृत्व विकास, लोकतांत्रिक मूल्यों और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कोटा में उच्च शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

इधर, कोटा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद महानगर इकाई ने उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम कुलपति को ज्ञापन सौंपकर छात्रसंघ चुनावों की शीघ्र बहाली सहित उच्च शिक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। परिषद ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं उत्तरदायी उच्च शिक्षा व्यवस्था ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है, लेकिन वर्तमान में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था कई प्रशासनिक एवं संरचनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है, जिससे लाखों विद्यार्थियों का शैक्षणिक, शोध एवं प्रतियोगी परीक्षाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्र नेतृत्व विकास के लिए नियमित चुनाव जरूरी
ज्ञापन के दौरान परिषद के प्रतिनिधि निखिल सिंह ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक नेतृत्व निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। वर्षों से चुनाव स्थगित रहने के कारण विद्यार्थी अपने प्रतिनिधियों के चयन के अधिकार से वंचित हैं। उन्होंने राज्य सरकार से प्रतिवर्ष नियमित एवं समयबद्ध छात्रसंघ चुनाव कराने की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की भी उठाई मांग
इकाई अध्यक्ष रोहित जाटव ने बताया कि परिषद ने ज्ञापन में प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में समान अकादमिक कैलेंडर लागू करने, प्रवेश, शिक्षण, परीक्षा, मूल्यांकन एवं परिणाम निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराने, विश्वविद्यालयों में रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर नियमित नियुक्तियां करने, सभी राजकीय महाविद्यालयों में स्थायी प्राचार्यों की नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा के स्वतंत्र विभाग स्थापित कर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भर्ती करने की मांग भी रखी है।
विद्यार्थी हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं और शैक्षणिक आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेगी। परिषद का कहना है कि समयबद्ध निर्णयों से राजस्थान की उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़, पारदर्शी, विद्यार्थी-केंद्रित तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विकसित होगी, जिससे प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
