Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 07 अगस्त 2026।
कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) ने शहर के विकास और निवेश को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निकट स्थित आठ राजस्व ग्रामों में कृषि भूमि के अकृषि रूपांतरण (धारा 90-ए) एवं भू-उपयोग परिवर्तन पर जुलाई 2024 से लागू अस्थायी रोक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी तथा स्थानीय किसानों, भू-स्वामियों और निवेशकों को सीधा लाभ मिलेगा।
एयरपोर्ट क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए लगाई गई थी रोक
प्राधिकरण के अनुसार राज्य सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एमओयू होने के बाद एयरपोर्ट के आसपास अनियोजित निर्माण को रोकने और क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बल्लोप, जाखमुण्ड, कैथूदा, देवरिया, तुलसी, बालापुरा, शम्भूपुरा एवं रामपुरिया राजस्व ग्रामों में भूमि रूपांतरण और भू-उपयोग परिवर्तन पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।
भूमि आवंटन और निर्माण प्रगति के बाद लिया गया निर्णय
अब ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन पूरा हो चुका है तथा निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐसे में इन क्षेत्रों में पूर्व में लगाई गई रोक का औचित्य समाप्त होने पर कोटा विकास प्राधिकरण ने नियमानुसार प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया है।
‘कोटा डेवलपमेंट डायलॉग’ में प्रमुखता से उठी थी मांग
प्राधिकरण आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित ‘कोटा डेवलपमेंट डायलॉग’ में शहर के लगभग 40 प्रमुख बिल्डर्स और निवेशकों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य प्राधिकरण के विक्रय योग्य भूखंडों की जानकारी साझा करना तथा रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े हितधारकों की समस्याओं का समाधान करना था। इसी दौरान निवेशकों और डेवलपर्स ने एयरपोर्ट क्षेत्र के इन आठ गांवों में लगी रोक हटाने की मांग प्रमुखता से रखी थी।
निवेश-अनुकूल माहौल बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई
प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि ‘कोटा डेवलपमेंट डायलॉग’ में प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। निवेशकों की मांग और वस्तुस्थिति का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार रोक हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोटा विकास प्राधिकरण शहर में निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।
रियल एस्टेट और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
भूमि रूपांतरण पर लगी रोक हटने से एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट, आवासीय एवं व्यावसायिक विकास को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय किसानों, भू-स्वामियों, निवेशकों तथा निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
