प्रकृति संरक्षण की अनूठी पहल: कोटा में गूंज रहा ‘इको फ्रेंडली गणपति’ का संदेश, 1151 मिट्टी की प्रतिमाएं होंगी निशुल्क वितरित

Written by : प्रमुख संवाद

“माटी के गणपति, माटी में मिल जाएंगे… जल भी स्वच्छ रहेगा, जीव भी बच पाएंगे!”

कोटा | 8 अगस्त 2026

गणेश महोत्सव को पूर्णतः पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) बनाने के संकल्प के साथ सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ एवं ‘इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब’ द्वारा एक ऐतिहासिक जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। महासंघ के मुख्य संयोजक अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल के कुशल संयोजन, क्लब के प्रथम अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल तथा मुख्य संरक्षक डॉ. अरुणा अग्रवाल के ओजस्वी नेतृत्व में 1151 मिट्टी के गणपति वितरित करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

कार्यशाला में सज रहे माटी के ‘विघ्नहर्ता’

प्रतिमा निर्माण की विशेष कार्यशाला में मूर्तिकार पूरी निष्ठा के साथ प्रतिमाओं को दिव्य एवं मनमोहक रूप दे रहे हैं:

गृह स्थापना हेतु: 9 इंच एवं 12 इंच की अत्यंत आकर्षक प्रतिमाएं।

सार्वजनिक पंडालों हेतु: 4 फीट तथा 6 फीट आकार के भव्य गणपति।

विशेषता: 100% प्राकृतिक मिट्टी से निर्मित, सजावट के लिए केवल जल-घुलनशील इको-फ्रेंडली रंगों का ही प्रयोग।

जल ही जीवन है: पीओपी (PoP) के दुष्प्रभावों पर कड़ा प्रहार

पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. एमएल अग्रवाल ने समाज से विवेकपूर्ण निर्णय लेने की अपील की है।
क्यों न करें प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) का प्रयोग?

अघुलनशील एवं घातक: PoP की मूर्तियां वर्षों तक जल स्रोतों में विसर्जित नहीं होतीं।

विषैले रसायन: रासायनिक रंग जल को जहरीला बनाते हैं, जिससे जलीय जीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ता है।

बीमारियों को निमंत्रण: दूषित जल ही कई गंभीर बीमारियों का जनक है। जल स्रोतों को पवित्र और स्वच्छ रखना हमारा नैतिक एवं नागरिक कर्तव्य है।

45 दिवसीय ‘जन-जागृति रथ’ भर रहे हैं चेतना की हुंकार

महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती द्वारा लोकार्पित और महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ के मार्गदर्शन में तैयार किए गए जन-जागृति रथ शहर के कोने-कोने में भ्रमण कर रहे हैं। लाउडस्पीकर, पोस्टरों और चित्रों के माध्यम से नागरिकों को पीओपी छोड़ मिट्टी के गणेश अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

जनसामान्य में भारी उत्साह: मूर्तियों का आंकड़ा बढ़कर हुआ 1151

जनता के अभूतपूर्व रुझान को देखते हुए निशुल्क बांटी जाने वाली प्रतिमाओं की संख्या 1059 से बढ़ाकर 1151 कर दी गई है।
📅 विशेष सूचना: निशुल्क प्रतिमा वितरण की अंतिम तिथि की घोषणा सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में की जाएगी।

संयोजकों की भावुक अपील

“आइए, इस गणेश चतुर्थी अपनी आस्था को प्रकृति के अनुकूल बनाएं। मिट्टी के गणपति लाकर जल स्रोतों और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लें।”
सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ एवं इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब, कोटा

Pramukh Samvad

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