Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 26 अगस्त 2026
कोटा शहर के पटरी पार क्षेत्र में ईद-ए-मिलादुन्नबी का 1501 वाँ जुलूस-ए-मोहम्मदी पूरी शान-ओ-शौकत और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस कमेटी के सदर साहिल मिर्जा ने जानकारी दी कि परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी जुलूस का आगाज रंग तालाब स्थित रजा नगर मदरसे के सामने से हुआ, जहाँ सबसे आगे एक भव्य बग्गी में शहर के इमाम साहब विशेष रूप से सवार थे। इस बग्गी के पीछे चल रहे नात-ख्वां ‘सरकार की आमद मरहबा’ और ‘दिलदार की आमद मरहबा’ के रूहानी नारे लगा रहे थे, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह से नूरानी और भक्तिमय हो गया।

प्रमुख मार्गों से गश्त कर रंग तालाब पुलिया पर हुआ संपन्न
यह शानदार जुलूस रंग तालाब से रवाना होकर काला तालाब, सुमन नगर, चंद्रेशल रोड, खारी बावड़ी, गांधी कॉलोनी और लोको कॉलोनी जैसे प्रमुख मार्गों से गश्त करता हुआ वापस रंग तालाब पुलिया पर पहुँचा। इस दौरान पूरे रास्तेभर जुलूस का जोरदार स्वागत किया गया और विभिन्न स्थानों पर अकीदतमंदों के लिए लंगर व ठंडे शरबत का विशेष इंतजाम किया गया था। यात्रा के समापन पर रंग तालाब पुलिया पर पूरी अकीदत के साथ सलातो-सलाम पेश किया गया, जिसके बाद देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे, आपसी इत्तेहाद और तरक्की के लिए विशेष दुआ माँगी गई।

मोहब्बत और इंसानियत की राह पर चलने का प्रेरणादायक पैगाम
इस मुबारक मौके पर कमेटी के सदर साहिल मिर्जा ने अपना ऊर्जावान और प्रेरणादायक वक्तव्य देते हुए कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जिंदगी का हर एक पल मानवता, करुणा और प्रेम का पाठ पढ़ाता है, और आज के इस दौर में हमें उनके बताए हुए अमन व भाईचारे के रास्ते पर मजबूती से चलने की सबसे अधिक जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारे त्योहार केवल जश्न का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह दिलों को जोड़ने, समाज में फैली दूरियों को मिटाने और हर इंसान के भीतर इंसानियत को जिंदा रखने का एक बेहतरीन जरिया हैं, इसलिए हम सबको मिलकर इस पैगाम को घर-घर तक पहुँचाना चाहिए।

युवाओं और क्षेत्रवासियों के सहयोग से ऐतिहासिक रूप से सफल हुआ आयोजन
इस ऐतिहासिक और भव्य जुलूस को पूरी तरह अमन, शांति और इत्तेहाद के साथ सफल बनाने में सभी समुदायों के लोगों और जागरूक नौजवानों ने बढ़-चढ़कर अपनी अह्म भूमिका निभाई, जिसके लिए कमेटी ने सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस सफल आयोजन के दौरान शोएब खान, फारुख देशवाली, मोहम्मद चाँद, शरीफ खान, शाहिद मिर्जा, अब्दुल हमीद गुड्डू भाई, फिरोज खान, सनावर बैग गुड्डू भाई, नफीस खान, आसिफ खान, अब्दुल हकीम अक्कू भाई, जफर खान और सोहेल आजाद मंसूरी सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य क्षेत्रवासी व अकीदतमंद पूरी शिद्दत के साथ मौजूद रहे।
