नई दिल्ली: 3 सितम्बर। जापान के आइची-नागोया में आगामी 19 सितंबर से शुरू होने वाले 20वें एशियन गेम्स के लिए खेल मंत्रालय ने 2 सितंबर को आधिकारिक तौर पर 768 सदस्यीय विशाल भारतीय दल को अपनी मंजूरी दे दी है। इस महामुकाबले में भारत अपने अब तक के सबसे बड़े दलों में से एक के साथ उतरने की तैयारी कर रहा है, जो वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती खेल ताकत को दर्शाता है।
खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का पूरा विवरण
इस बड़े दल में कुल 503 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी पूरी मुस्तैदी के साथ देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। खिलाड़ियों के अलावा 246 अधिकारियों और सहयोगी स्टाफ की मजबूत टीम भी उनके साथ जापान जाएगी, जिसमें 23 चीफ या डिप्टी चीफ कोच, 150 कोच, मेडिकल स्टाफ, फिजियोथेरेपिस्ट, मनोवैज्ञानिक और तकनीकी स्टाफ शामिल हैं।
नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी और एथलेटिक्स दल
एथलेटिक्स दल 79 सदस्यों के साथ भारत के सबसे बड़े दलों में शुमार है और इसे सबसे अधिक 31 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ का साथ मिला है, जिसका नेतृत्व नेशनल कोच पी. राधाकृष्णन करेंगे। हालांकि, चोट के चलते स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा इस बार के एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, जिससे उनकी कमी टीम को निश्चित रूप से खलेगी।
क्रिकेट और कुल 36 खेलों में भारतीय चुनौती
क्रिकेट स्पर्धा में भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें अपनी दावेदारी पेश करेंगी, जिनके लिए 20 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ को मंजूरी दी गई है और इसकी अगुआई पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण करेंगे। कुल मिलाकर भारतीय दल इन खेलों में 36 अलग-अलग विधाओं में अपनी चुनौती रखेगा।
पिछला शानदार प्रदर्शन और इस बार की उम्मीदें
एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर से होगा और यह रोमांचक सफर 4 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें पिछले संस्करण के शानदार प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश होगी। गौरतलब है कि 2022 के एशियन गेम्स में भारत ने इतिहास रचते हुए 28 स्वर्ण, 38 रजत और 40 कांस्य सहित कुल 106 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया था और इस बार भी भारतीय खिलाड़ी मेडल टैली में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
