मर्डर केस में 13 साल बाद मिला न्याय, सात आरोपियों को मिला आजीवन कारावास

प्रमुख संवाद

अलवर, 4 दिसम्बर। कठूमर उपखंड मुख्यालय पर स्थित अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती सरिता धाकड़ ने सन 2011 से चल रहे एक मर्डर केस में धारा 302 के तहत दोष सिद्ध अपराध होने पर सात जनों को आजीवन कारावास कठोर दंड एवं ₹25000 अर्थ दंड से प्रत्येक अभियुक्त को दंडित किया गया।

कठूमर उपखंड क्षेत्र के खेरली थाना अंतर्गत ग्राम हनुमनवास में सन-2011 में 1 अगस्त को हुए झगड़े में जसराम पुत्र कल्याण सहाय की सात जनों ने घेर कर फर्सी, लाठी डंडे व पत्थर से हत्या कर दी। परिवादी मृतक के बड़े भाई सूरजमल पुत्र कल्याण सहाय ने खेरली थाने में मामला दर्ज कराया गया था। कैस की सुनवाई कठूमर स्थित एडीजी कोर्ट में न्यायाधीश श्रीमती सरिता धाकड़ के द्वारा सुनवाई की गई। कोर्ट रीडर महेश शर्मा ने बताया कि एपीपी सुनील अवस्थी की ओर से 85 दस्तावेज पेश कर प्रदर्शित किए गए और 15 गवाहों ने घटना की ताईद की। परिवादी की ओर से कोई भी गवाह पक्ष द्रोही नहीं हुआ।

वही मृतक के पुत्र वीरेंद्र ने बताया की मेरे पिता की हत्या के बाद मेरे ताऊ परिवादी सूरजमल की करीब 5 वर्ष पूर्व कैंसर बीमारी से उपचार के दौरान मौत हो गई आज 13 वर्ष बाद न्याय मिलने से परिवार जन संतुष्ट हैं।

इधर महेंद्र सिंह उर्फ महेंद्र पुत्र बन्ने सिंह उम्र 50 साल,जयसिंह पुत्र हरसहाय उम्र 75 साल, करण सिंह पुत्र घीसाराम उम्र 65 साल, रामअवतार सिंह पुत्र रामकिशन उम्र 42 साल,सुगर सिंह पुत्र निहाल सिंह उम्र 45 साल, नन्नू सिंह पुत्र बनेसिंह उम्र 63 साल, समय सिंह उर्फ सम्मी पुत्र नारायण उम्र 80 साल के विरुद्ध केस में सुनवाई की गई। दोषसिद्ध अपराध होने पर पुलिस द्वारा सातों आरोपियों को जेसी पहुंचाया गया।

Pramukh Samvad

ताजा खबरों को देखने के लिए प्रमुख संवाद से जुड़े

https://www.pramukhsamvad.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!