Written by : Sanjay kumar
कोटा, 13 जून।
देशभर में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी 17 जून से एक बड़े राष्ट्रव्यापी संवाद अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस अभियान का शुभारंभ राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा से होगा, जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और युवाओं से सीधा संवाद करेंगे।
युवाओं के मुद्दों पर फोकस
कांग्रेस का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों और रोजगार के सीमित अवसरों ने देश के करोड़ों युवाओं को प्रभावित किया है। इसी विषय को लेकर पार्टी देशभर में छात्रों, शिक्षकों, अभ्यर्थियों और युवा संगठनों को जोड़ने का अभियान चलाएगी।
कोटा से होगी अभियान की शुरुआत
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी देश के विभिन्न शहरों में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। अभियान की शुरुआत 17 जून को कोटा से होगी। इसके बाद 10 जुलाई को इलाहाबाद, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
कोचिंग सिटी को चुना गया पहला पड़ाव
कोटा जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम और कोटा देहात कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि देशभर से लाखों छात्र कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। इसी कारण कांग्रेस ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत कोटा से करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
तैयारियों में जुटी AICC की टीम
राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। AICC की टीम कोटा पहुंच चुकी है और आयोजन स्थल को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए नेवाजी पैलेस कुन्हाड़ी, श्रीनाथपुरम स्टेडियम, श्रीराम रंगमंच दशहरा मैदान और दादाबाड़ी क्षेत्र सहित चार स्थानों पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही अंतिम स्थल की घोषणा की जाएगी।
अशोक गहलोत ने किया समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस अभियान का समर्थन करते हुए कहा है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाने की जरूरत है। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाने वाला अभियान बताया।
17 जून को कोटा में होने वाला यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
