रेलवे और बचपन बचाओ आंदोलन का मिशन: “बाल तस्करी मुक्त भारत” की दिशा में कोटा में ऐतिहासिक कार्यशाला

कोटा, 9 फरवरी — “हर बच्चा सुरक्षित, हर यात्रा सुरक्षित” के संकल्प के साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन बचपन बचाओ आंदोलन के संयुक्त तत्वावधान में कोटा मंडल रेल प्रबंधक सभागार में बाल तस्करी एवं बाल दुर्व्यवहार की रोकथाम पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस विचारोत्तेजक कार्यशाला का नेतृत्व ललित कुमार (ADRM, कोटा डिवीजन), नवीन कुमार वर्मा (DSC, कोटा) और राजेंद्र सिंह राठौड़ (अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, कोटा) ने किया। बाल अधिकारिता के विशेषज्ञों और रेलवे सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए परियोजना अधिकारी रेखा ने कहा, “रेलवे न केवल देश की जीवनरेखा है बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह कार्यशाला बाल तस्करी के खिलाफ हमारी साझा लड़ाई को और मजबूत करती है। हमारा उद्देश्य रेलवे नेटवर्क के हर कोने को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाना है।”

रेखा ने बताया कि यह कार्यशाला रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन, RPF, GRP, चाइल्डलाइन और अन्य स्वयंसेवी संगठनों के समन्वय से आयोजित की गई है ताकि बाल सुरक्षा को लेकर एक मजबूत रणनीति तैयार की जा सके।

कार्यशाला की मुख्य झलकियां:

  • बाल तस्करी पर करारा प्रहार:
    ललित कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “रेलवे न केवल भारत की जीवनरेखा है, बल्कि बाल सुरक्षा की भी महत्वपूर्ण कड़ी है। रेलवे प्रशासन, सुरक्षा बल, GRP, चाइल्डलाइन और अन्य स्वयंसेवी संगठन एकजुट होकर बाल तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
  • रणनीतिक प्रेजेंटेशन:
    दीप बनर्जी और सुनंद सिंह (राज्य समन्वयक, राजस्थान) ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से रेलवे नेटवर्क में बाल तस्करी की चुनौतियों और बचपन बचाओ आंदोलन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में प्रतिदिन 2.5 करोड़ से अधिक यात्री रेलवे के माध्यम से यात्रा करते हैं, जिसमें बच्चों की सुरक्षा अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
  • जमीनी हकीकत से जुड़े विचार:
    राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कोटा में बाल संरक्षण की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा, “हमारे प्रयास सफल हैं, लेकिन बेहतर करने की हमेशा गुंजाइश होती है।”
  • सरकारी योजनाओं की जानकारी:
    राम राज मीणा (सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग) ने राजस्थान सरकार की पालनहार योजना और चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। वहीं, यज्ञदत्त हाडा (राज्य समन्वयक, स्काउट गाइड) ने 2004 से लेकर जून 2023 तक के बाल संरक्षण कार्यों की समीक्षा की और RPF व GRP के योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम के प्रमुख सहभागी:

कार्यशाला में दिनेश शर्मा, भूपेंद्र सिंह, संजय मेहरा, नरेश मीणा, खजान सिंह, बच्चन देव, अनिल झा, विजय सिंह जैसे सक्रिय प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। लक्ष्मीकांत (CTI) ने अपने अनुभव साझा किए और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों पर रोशनी डाली।

सम्मान और समापन:

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का सम्मान पौधारोपण और स्कार्फ भेंट कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन रेखा (परियोजना अधिकारी) ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नवीन कुमार (ADRM, कोटा) ने किया।


Pramukh Samvad

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