कोटा में जनआक्रोश का प्रदर्शन : भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस की “पोल खोल रैली”

Written by : प्रमुख संवाद


“राजस्थान में चुनी हुई सरकार नहीं, ब्यूरोक्रेसी चला रही है शासन” – प्रहलाद गुंजल

कोटा, 7 जनवरी।
राजस्थान में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के विरोध में कांग्रेस द्वारा “पोल खोल रैली” का आयोजन किया गया। रैली लाडपुरा पंचायत समिति से प्रारंभ होकर कोटा कलेक्ट्री पर समाप्त हुई। कलेक्ट्री परिसर में आयोजित सभा को मुख्य वक्ता के रूप में कोटा–बूंदी लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने संबोधित किया।

रैली का आयोजन शहर जिला कांग्रेस महामंत्री विपिन बरथुनिया, कांग्रेस नेता अजय भान सिंह शक्तावत, किसान नेता विनोद शर्मा एवं सचिव राजू पहाड़िया के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला कांग्रेस नेत्री मंजू चौधरी ने किया।

सभा को संबोधित करते हुए प्रहलाद गुंजल ने कहा कि भाजपा सरकार दो साल पूरे होने का जश्न मना रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि राजस्थान में शासन पूरी तरह ब्यूरोक्रेसी के अधीन हो चुका है। चुनी हुई सरकार निर्णय लेने में असहाय नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि हालात यह हैं कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने के लिए भी सरकार को कर्ज लेना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण अरावली पर्वतमाला पर गंभीर संकट पैदा हुआ। जागरूक नागरिकों और संस्थाओं के दबाव में सुप्रीम कोर्ट को स्वयं हस्तक्षेप कर रोक लगानी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद बनास नदी क्षेत्र में अवैध एवं अत्यधिक खनन को लेकर राज्य सरकार आंखें मूंदे हुए है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।

प्रहलाद गुंजल ने कहा कि कोटा शहर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। आजीविका के साधनों पर संकट है, कोचिंग संस्थान और उद्योग बंदी के कगार पर हैं। जो लोग आवाज उठाते हैं, उन्हें पुलिस और असामाजिक तत्वों के माध्यम से दबाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि कोटा की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। जनता अब सब समझ चुकी है और आने वाले समय में भाजपा सरकार को करारा जवाब देगी।

शहर कांग्रेस महामंत्री विपिन बरथुनिया ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के बावजूद कोटा शहर में कोई ठोस विकास कार्य नजर नहीं आता। केवल घोषणाएं की गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री खुद स्वीकार करते हैं कि बजट नहीं है, ऐसे में विकास कैसे होगा। उन्होंने हाल ही में केडीए द्वारा आयोजित पर्यटन कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जिन स्थलों पर आयोजन हुआ, वे कांग्रेस शासन की देन हैं, लेकिन राजनीतिक द्वेष के चलते कांग्रेस प्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया।

रैली को शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह बिल्लू, अजय भान सिंह शक्तावत, राजू पहाड़िया, विनोद शर्मा, गोपाल महेश्वरी, राजेंद्र भारद्वाज और अब्दूल हमीद गोड ने भी संबोधित किया।

रैली में पूर्व पार्षद इसरार अहमद, सेवादल प्रदेश सचिव अमित सूद, महासचिव प्रशांत सक्सेना, चेतन मेवाड़ा, गुलाम हुसैन, दीपक नामदेव, पूर्व पार्षद इंद्र जैन, पूर्व पार्षद मनीष गुर्जर, नीरज शर्मा, मोहम्मद इनायत लाला, रजिया बानो, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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