स्वामी विवेकानन्द के विचार आज भी युवाओं और समाज के लिए मार्गदर्शक : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे

Written by :: प्रमुख संवाद


कोटा, 12 जनवरी।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के विचार और संदेश आज भी समाज, विशेषकर युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक और प्रेरणास्रोत हैं। उनकी जयंती के अवसर पर हमें उनके आदर्शों को केवल स्मरण ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए। स्वामी विवेकानन्द ने निडरता, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया, जो आज के समय में भी सफलता की कुंजी है।

राज्यपाल बागडे सोमवार को शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल सभागार में भारत विकास परिषद, कोटा महानगर द्वारा स्वामी विवेकानन्द की 163वीं जयंती पर आयोजित सेवा संगम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द का मानना था कि आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने मानव सेवा को ईश्वर की सच्ची सेवा बताया और गरीब, कमजोर व वंचित वर्ग के कल्याण के लिए कार्य करने को सर्वोच्च धर्म माना।

राज्यपाल ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी अर्जित करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, साहस, करुणा और एकाग्रता जैसे गुणों का विकास करना है। सकारात्मक सोच के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि विचार ही हमारे भविष्य का निर्माण करते हैं, इसलिए हमारी सोच और वाणी सदैव सकारात्मक होनी चाहिए, जिससे किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

उन्होंने स्वामी विवेकानन्द द्वारा दिए गए विश्व बंधुत्व के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण ने भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और मानवीय परंपराओं को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया। उस भाषण के माध्यम से उन्होंने सार्वभौमिक सहिष्णुता और मानव मात्र के बीच सद्भाव का संदेश दिया।

राज्यपाल बागडे ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत अपने नागरिकों की बौद्धिक और शारीरिक क्षमताओं के बल पर विश्व में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना हम सभी का सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए और इस लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहना होगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कोटा की 31 संस्थाओं को सम्मानित किया। इनमें गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी आगमगढ़ साहिब, मानव सेवा समिति, श्रीराम मंदिर प्रबंध समिति, श्री प्रचंड बालाजी गौशाला समिति, गीता सत्संग आश्रम समिति, महावीर इंटरनेशनल, मानव कल्याण समिति, सेवा भारती, आरोग्य भारती, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, आई बैंक सोसायटी सहित अन्य संस्थाएं शामिल रहीं। संस्थाओं के प्रतिनिधियों को दुपट्टा ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जिला कलक्टर पीयूष समारिया, पुलिस अधीक्षक (शहर) तेजस्विनी गौतम, कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.एल. वर्मा, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित्त चौधरी, भारत विकास परिषद के रविप्रकाश विजय, किशन पाठक, अरविन्द गोयल, हिमांशु चतुर्वेदी, मनोज जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

Pramukh Samvad

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