Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 28 फरवरी।
किशोरपुरा गेट स्थित ऐतिहासिक प्राचीन नरसिंह मंदिर में नरसिंह द्वादशी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, अटूट श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भगवान नरसिंह के जयकारों से गुंजायमान रहा।
उत्सव का शुभारंभ ब्रह्म मुहूर्त में हुआ। मंदिर के पुजारी पंडित मयंक शर्मा के सानिध्य में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वेद मंत्रोच्चार के बीच भगवान का विधिवत पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके पश्चात भगवान का नयनाभिराम विशेष श्रृंगार किया गया। प्रातः 8 बजे जैसे ही पट खुले, दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लग गईं और भक्तों ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर पंडित मयंक शर्मा ने पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि होली से पूर्व आने वाली यह द्वादशी आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी है। उन्होंने कहा कि
भगवान नरसिंह अधर्म के विनाश और भक्त की रक्षा के साक्षात प्रतीक हैं। यदि कोई व्यक्ति मानसिक अशांति या कार्यों में निरंतर बाधाओं का सामना कर रहा है, तो आज के दिन किया गया पूजन सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और पारिवारिक सुख-समृद्धि के मार्ग प्रशस्त करता है।
इस दौरान मंदिर परिसर में महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन एवं फाग उत्सव का आयोजन किया गया। होली की पूर्व संध्याओं के उल्लास के बीच महिलाओं ने भगवान के भजनों पर नृत्य किया और रंगारंग फाग की प्रस्तुतियां दीं। गुलाल और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण होली के रंग में सराबोर नजर आया।
दिनभर चले इस उत्सव के समापन पर उपस्थित जनसमूह को विशेष रूप से तैयार खीर का प्रसाद वितरित किया गया। देर शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। जहाँ सभी ने परिवार व समाज की शांति हेतु मंगल कामना की।
