Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 13 जनवरी 2026।
पंजाबी समाज समिति द्वारा पारंपरिक पर्व लोहड़ी का आयोजन समिति कार्यालय, शीतला माता मंदिर के बाहर अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के सह-सचिव संजीव सब्बरवाल द्वारा लोहड़ी के दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
समिति के उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी प्रवीण गुलाटी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लोहड़ी को लकड़ियों के स्थान पर गो-कास्ट से प्रज्वलित कर मनाया गया, जिससे सामाजिक जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया।

लोहड़ी प्रज्वलन के पश्चात महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों ने पारंपरिक गीतों पर भांगड़ा करते हुए अग्नि के चारों ओर परिक्रमा की। बच्चों ने “सुंदरी मुंदरी” गीत गाकर बड़ों का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर रेवड़ी, मूंगफली एवं मक्की के फूलों का प्रसाद वितरित किया गया और सभी ने मिलकर पर्व की खुशियां साझा कीं।
समिति के अध्यक्ष कमल अदलखा ने बताया कि लोहड़ी विशेष रूप से नवविवाहित जोड़ों एवं उन परिवारों के लिए उत्सव का कारण होती है जिनके यहां वर्ष भर में विवाह या प्रथम संतान का आगमन हुआ हो। ऐसे सभी परिवारों के साथ विशेष रूप से लोहड़ी की खुशियां मनाई गईं।
समिति के कोषाध्यक्ष विनोद गुलाटी ने लोहड़ी पर्व के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आपसी भाईचारे, समृद्धि एवं नई शुरुआत का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से रामचन्द्र मलिक, ओम मलिक, राजेन्द्र बाठला, अनिल सब्बरवाल, नीरज विज, प्रीति अदलखा, पूनम बाठला, डॉली अरोड़ा, पूनम गुलाटी, प्रियंका अदलखा, संजय नाकरा सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन पारंपरिक उल्लास, सौहार्द और सामूहिक सहभागिता के साथ हुआ, जिसने पंजाबी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

