Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 24 जनवरी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार को कोटा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के सानिध्य में आयोजित रामकथा एवं गौ महोत्सव में सहभागी बने। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रामकथा केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की सम्पूर्ण पाठशाला है, जो हमें कर्तव्य, मर्यादा, प्रेम और समर्पण का मार्ग दिखाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामकथा हमें आदर्श पुत्र, आदर्श भ्राता, आदर्श पति और आदर्श राजा के गुणों से परिचित कराती है। श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रामराज्य के संकल्प को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन सामाजिक समरसता, न्याय और लोककल्याण का प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी परम्परा में नदियों, पर्वतों, वृक्षों और गौ माता की पूजा के माध्यम से प्रकृति संरक्षण और जीवन संतुलन का संदेश दिया गया है। उन्होंने इसे सौभाग्य की बात बताया कि श्रद्धालुओं को दिव्य रामकथा के श्रवण का अवसर प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सरल, सहज और प्रभावशाली वाणी के माध्यम से करोड़ों लोगों के जीवन में धर्म और संस्कारों का प्रकाश फैलाया है। उनकी वाणी आम जनमानस को सीधे स्पर्श करती है और युवा पीढ़ी को सनातन धर्म की महान परम्पराओं से जोड़ने का प्रेरक कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दुपट्टा ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, विधायक कल्पना देवी, संत-महंतगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
