मातृशक्ति प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ, नारी शक्ति के माध्यम से संस्कारयुक्त समाज निर्माण पर जोर

Written by : प्रमुख संवाद


कोटा, 14 मार्च। विश्व हिंदू परिषद, चित्तौड़ प्रांत द्वारा आयोजित चार दिवसीय मातृशक्ति प्रशिक्षण अभ्यास वर्ग का शुभारंभ कोटा स्थित टीलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हुआ। 16 मार्च तक चलने वाले इस प्रशिक्षण वर्ग में प्रांत के 15 जिलों से आई मातृशक्ति की बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वर्ग के दौरान बौद्धिक, सांस्कृतिक और शारीरिक विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें समाज और राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका पर विशेष मंथन किया जा रहा है।

विहिप के महानगर प्रचार प्रमुख रामबाबू मालव ने जानकारी देते हुए बताया कि उद्घाटन सत्र में अखिल भारतीय मातृशक्ति सहसंयोजिका सरोज दीदी, क्षेत्रीय संयोजिका अभिलाषा दीदी, दुर्गावाहिनी की क्षेत्रीय संयोजिका लता दीदी तथा प्रांत संयोजिका अल्का दीदी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नीलप्रभा नाहर ने की।

इस अवसर पर प्रांत संयोजिका अल्का दीदी ने प्रशिक्षण वर्ग की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए वर्ग के उद्देश्यों और आगामी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

अध्यक्षता करते हुए नीलप्रभा नाहर ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद ऐसा सशक्त मंच है, जहां संत समाज और सामान्य समाज मिलकर राष्ट्र और समाज के हित में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति समाज में संस्कार निर्माण की आधारशिला है और धर्म तथा संस्कृति के संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के दौरान कविता दीदी ने प्रेरणादायी काव्य गीत की प्रस्तुति देकर वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर मैत्रेयीगिरी ने कहा कि नारी में समाज को सही दिशा देने की अद्भुत शक्ति निहित है। “नारी तू नारायणी” के भाव को स्पष्ट करते हुए उन्होंने गार्गी, मैत्रेयी और माता सीता जैसे आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयासों से समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है तथा सत्संग और सुंदरकांड जैसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में संस्कारों का विस्तार हो रहा है।

डॉ. हेमानंद सरस्वती ने अपने उद्बोधन में कहा कि मातृशक्ति समाज की मूल आधारशिला है। बेटियों के संस्कार और शिक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी माताओं की होती है। घर में दिए गए संस्कार ही आने वाले समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देते हैं।

प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन अवसर पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति की कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह अभ्यास वर्ग 16 मार्च तक विभिन्न सत्रों और गतिविधियों के साथ जारी रहेगा।

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