Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 11 फरवरी। राजस्थान राज्य बजट 2026-27 में उच्च शिक्षा और जनजातीय अध्ययन को नई दिशा देते हुए कोटा विश्वविद्यालय में “भगवान बिरसा मुंडा शोधपीठ” की स्थापना की घोषणा की गई है। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह शोधपीठ आदिवासी महानायक बिरसा मुंडा के जीवन, दर्शन, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के गहन अध्ययन का केंद्र बनेगी। इससे हाड़ौती अंचल सहित पूरे प्रदेश में जनजातीय शोध को संस्थागत मजबूती मिलेगी।
कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) सारस्वत ने बजट प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि 1000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियन भाषाओं में प्रशिक्षण, प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर के साथ सेंटर की स्थापना तथा 30 करोड़ रुपये की लागत से नए टेक्नो हब और एआई लैब की स्थापना भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप कौशल निर्माण का संकेत है। यह पहल युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने में सहायक होगी।प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के तहत नए राजकीय महाविद्यालयों एवं नए विषयों की स्वीकृति प्रदान की गई है।नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर राज्य में नई परीक्षा एजेंसी की स्थापना की घोषणा की गई है, जिसे पेपर लीक जैसी समस्याओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
