Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 6 मार्च। हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत 2083 के स्वागत को लेकर कोटा महानगर में इस वर्ष भव्य और व्यापक स्तर पर आयोजन किए जाएंगे। हिन्दू नववर्ष आयोजन समिति, कोटा महानगर के तत्वावधान में 17 से 21 मार्च तक पंचदिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसमें मातृशक्ति वाहन रैली, सामूहिक महाआरती, स्वदेशी मेला, भजन संध्या तथा सर्व हिन्दू समाज की विराट वाहन रैली प्रमुख आकर्षण रहेंगे। इन आयोजनों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना, परंपराओं के प्रति सम्मान और सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इन कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर गुरुवार सायं टीलेश्वर चौराहे स्थित टीलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हिन्दू नववर्ष आयोजन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न संत-महात्माओं और समाज के प्रमुख जनों ने भाग लेते हुए आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में मौजीबाबा धाम से महामंडलेश्वर साध्वी हेमा सरस्वती, कबीर आश्रम चेतन धाम से सद्गुरु प्रभाकर देव, महामंडलेश्वर रंजीतानंद महाराज तथा श्रीकुलम शक्तिपीठ की नीति अंबा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर आयोजन समिति के अध्यक्ष गोविन्द नारायण अग्रवाल ने की, जबकि संचालन महामंत्री डॉ. बाबूलाल भाट ने किया।
संतों और अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दू नववर्ष हमारी सांस्कृतिक पहचान और परंपरा का प्रतीक है, इसलिए इसे समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए। सद्गुरु प्रभाकर देव साहिब ने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों के बीच हिन्दू नववर्ष की जानकारी अधिक से अधिक प्रसारित करने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी परंपराओं से जुड़ी रहें।
महामंडलेश्वर रंजीतानंद महाराज ने कहा कि हिन्दू समाज को सदैव जागरूक और सजग रहना चाहिए। भारत की सनातन परंपरा और संस्कृति को सशक्त बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों का महत्व अत्यंत बड़ा है। उन्होंने सभी से पूरे उत्साह और समर्पण के साथ हिन्दू नववर्ष के कार्यक्रमों में भाग लेने का आग्रह किया।
महामंडलेश्वर साध्वी हेमा सरस्वती ने कहा कि हिन्दू नववर्ष केवल एक तिथि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वयं की सक्रिय भागीदारी से मनाना चाहिए। वहीं माताश्री नीति अंबाजी ने कहा कि हिन्दू समाज सदैव जागरूक और संगठित रहा है तथा हमें अपने नववर्ष का स्वागत पूरे उत्साह और उल्लास के साथ करना चाहिए।
महानगर अध्यक्ष गोविन्द नारायण अग्रवाल ने बताया कि हिन्दू नववर्ष से जुड़े सभी कार्यक्रम समाज के सहयोग और सहभागिता से आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोटा महानगर का प्रत्येक नागरिक इन आयोजनों को सफल बनाने में अपना योगदान देगा।
बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों के संयोजकों ने अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी भी प्रस्तुत की। वाहन रैली संयोजक युधिष्ठिर सिंह हाड़ा, मातृशक्ति वाहन रैली संयोजिका रेणु मिश्रा, स्वदेशी मेला संयोजक प्रमोद राठौर तथा भजन संध्या संयोजक पंकज मेहता ने कार्यक्रमों की रूपरेखा और तैयारियों का विस्तृत विवरण दिया।
पंचदिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत 17 मार्च को मातृशक्ति वाहन रैली से होगी। यह रैली दोपहर 3 बजे नयापुरा स्टेडियम से प्रारंभ होकर रावतभाटा रोड स्थित गोदावरीधाम तक पहुंचेगी। इस रैली में कोटा महानगर की मातृशक्ति दोपहिया वाहनों के साथ भाग लेकर हिन्दू नववर्ष के उत्सव का शुभारंभ करेगी।
18 मार्च को हिन्दू नववर्ष की पूर्व संध्या पर कोटा महानगर की लगभग 120 बस्तियों में एक साथ महाआरती का आयोजन किया जाएगा। मंदिरों और धर्मस्थलों पर आयोजित होने वाली इन महाआरतियों में स्थानीय सर्व हिन्दू समाज की व्यापक सहभागिता रहेगी। इस आयोजन की जिम्मेदारी महानगर की 12 नगर समितियों को सौंपी गई है, जो विभिन्न बस्तियों में महाआरती का आयोजन करवाएंगी।
वर्ष प्रतिपदा, 19 मार्च से दशहरा मैदान में दो दिवसीय स्वदेशी मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में विभिन्न प्रकार के स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। मेले का समापन 20 मार्च की रात्रि में प्रसिद्ध भजन गायिका गीता रेबारी की भजन संध्या के साथ होगा, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा।
पंचदिवसीय आयोजनों का समापन 21 मार्च को सर्व हिन्दू समाज की विराट वाहन रैली के साथ होगा। कोटा महानगर के 12 नगरों से निकलने वाली रैलियां कॉमर्स कॉलेज, आईटीआई परिसर (डीसीएम रोड), नयापुरा स्टेडियम तथा मल्टीपरपज स्कूल गुमानपुरा जैसे चार प्रमुख स्थानों पर एकत्र होंगी। इसके पश्चात सभी रैलियां सायंकाल 5 बजे टीलेश्वर चौराहे पर महासंगम करेंगी और वहां से विशाल वाहन रैली जड़ के बालाजी (दशहरा मैदान) पहुंचकर सम्पन्न होगी।
इसी अवसर पर महानगर के 12 नगरों में नगर स्तरीय समितियों की घोषणा भी की गई। विभिन्न नगरों में संयोजक और सहसंयोजकों की जिम्मेदारियां तय की गईं, ताकि सभी कार्यक्रम सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें।
बैठक में समाजसेवी एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समाजसेवी सत्यनारायण यादव, श्यामबिहारी नागर, सत्यनारायण श्रीवास्तव, ओमप्रकाश त्रिपाठी, पंकज मेहता, हेमंत विजय, मुकुट नागर, हिरेन्द्र शर्मा, महेश विजय, राजाराम कर्मयोग, प्रमोद राठौड़, किशन पाठक, अरविन्द सिसोदिया, सुनील पोकरा, मुकेश विजय, के.पी. सिंह, लोकेन्द्र सिंह राजावत, सुमेर सिंह, रामचरण लोधा, युधिष्ठिर खटाना, चेतना मोरवाल, रीना शुक्ला, पवन भटनागर, राजेंद्र अग्रवाल, डॉ. अनुपमा चतुर्वेदी, डॉ. ज्योति शर्मा, सुनीता गोयल, विजयलक्ष्मी गौतम, अर्चना गुर्जर, सोनू सिंघानिया, संतोष नामा, अनुराधा गोस्वामी, हेमलता सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान महानगर एवं नगर समितियों के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने हिन्दू नववर्ष के इन आयोजनों को सफल बनाने के लिए पूर्ण समर्पण और उत्साह के साथ कार्य करने का संकल्प भी लिया।

