Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 22 मार्च। रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित भगवान ऋषभदेव गुरुकुलम में आचार्य श्री 108 विराग सागर एवं विशुद्ध सागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री 105 विभाश्री माताजी के मंगल आशीर्वाद से नवीन शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रवेश की चयन प्रक्रिया के अंतर्गत रविवार को विद्यार्थियों के साक्षात्कार सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। गुरुकुल में विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त एवं आधुनिक शिक्षा का समन्वित वातावरण निशुल्क प्रदान किया जाएगा।

अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार पाण्ड्या ने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों के लिए आवास एवं भोजन की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। गुरुकुल की दिनचर्या प्रातः 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक निर्धारित रहेगी, जिसमें अनुशासित एवं नियमित जीवनशैली पर विशेष बल दिया जाएगा। प्रतिदिन की शुरुआत प्रातःकालीन देवदर्शन एवं जिनदर्शन से होगी।महामंत्री ताराचंद जैन बड़ला ने स्पष्ट किया कि प्रवेश केवल जैन धर्म के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, अन्य धर्मों के विद्यार्थी भी प्रवेश के पात्र होंगे।
महामंत्री ताराचंद जैन बड़ला ने जानकारी दी कि गुरुकुल में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ लौकिक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। कक्षा 9वीं से 12वीं तक पाठ्यक्रम में कक्षा 9वीं में जैन धर्म एवं संस्कार, कक्षा 10वीं में जैन धर्म आचार संहिता, कक्षा 11वीं में जैन गणित तथा कक्षा 12वीं में जैन इतिहास शामिल रहेगा।
कोषाध्यक्ष निर्मल कुमार अजमेरा ने बताया कि प्रथम चरण में प्रवेश हेतु ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके आधार पर चयनित विद्यार्थियों के साक्षात्कार के पश्चात कक्षा 9वीं में 25 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनमें से 12 विद्यार्थियों को प्रथम चरण में प्रवेश प्रदान किया गया।
संस्थान द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अंग्रेजी माध्यम से उच्च स्तरीय शिक्षा, कंप्यूटर शिक्षा, कंप्यूटर लैब, आर्ट एवं डांस रूम, डिजिटल स्मार्ट कक्षाएं तथा समय-समय पर ज्ञानवर्धक शैक्षणिक भ्रमण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही लौकिक शिक्षा के साथ चारित्रिक निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
साक्षात्कार प्रक्रिया में अधिष्ठाता पं. कमल कुमार भोपाल, विषय विशेषज्ञ डॉ. पंकज जैन शास्त्री तथा अधीक्षक जगदीश शास्त्री ने सहभागिता करते हुए चयन प्रक्रिया सम्पन्न कराई। इस अवसर पर राजमल पाटौदी, अशोक सांवला, बाबूलाल जैन, महावीर प्रसाद बड़ला, राजेन्द्र गोधा, प्रकाश मेहरूवाला, अनिल ठौरा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
