Written by : प्रमुख संवाद
जयपुर/कोटा, 6 मई।
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटना को राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने मामले की जानकारी मिलते ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को तत्काल कोटा भेजने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रभावित प्रसूताओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें कोटा के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (SSB) के नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार दिया जा रहा है। सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार उन्नत चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर से चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को कोटा भेजा गया है। इस टीम में निश्चेतना विभाग के डॉ. निहार शर्मा, मेडिसिन विभाग के डॉ. सुनील कुमार महावर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉ. पवन अग्रवाल तथा नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार शर्मा शामिल हैं। यह टीम मौके पर पहुंचकर उपचार व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पूरे मामले का गहन मूल्यांकन भी करेगी।
राज्य सरकार ने कोटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित प्रसूताओं को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जाए और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
प्रमुख शासन सचिव ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच करवाई जाएगी। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
