Written by : Sanjay kumar
कोटा, 22 मार्च। वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव राजस्थान, ने रविवार को कोटा प्रवास के दौरान विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने प्रातःकाल मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर चंबल नदी में बोट सफारी के माध्यम से समृद्ध जैव विविधता का अवलोकन किया, वहीं बाद में कलेक्ट्रेट सभागार में उच्च स्तरीय बैठक लेकर कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, एलपीजी आपूर्ति एवं पेयजल प्रबंधन की समीक्षा की।

चंबल सफारी में दिखी जैव विविधता की समृद्ध झलक
मुख्य सचिव ने किशोरपुरा जेट्टी से गरड़िया महादेव तक बोट सफारी के दौरान मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवन को नजदीक से देखा। भ्रमण के दौरान उन्होंने इंडियन वल्चर, ईजिप्शियन वल्चर, इंडियन ईगल आउल, ब्राउन फिश आउल जैसे दुर्लभ पक्षियों सहित विभिन्न रैप्टर्स का अवलोकन किया तथा चंबल नदी में मगरमच्छों की उपस्थिति को भी देखा। इस अवसर पर जिला कलक्टर पीयूष समारिया सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

वन्यजीव पर्यटन से रोजगार और जागरूकता बढ़ाने पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि जंगल सफारी एवं बोट सफारी के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को प्राकृतिक धरोहर से जोड़ना आवश्यक है। इससे न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने रिजर्व में चल रहे बाघ स्थानांतरण, प्रे-बेस वृद्धि, हैबिटेट सुधार एवं घासभूमि विकास जैसे संरक्षण प्रयासों की सराहना की।
विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण का संदेश
उन्होंने कहा कि विश्व जल दिवस के अवसर पर चंबल नदी के मध्य से जल संरक्षण का संदेश देना पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। साथ ही, उन्होंने एम-स्ट्राइप्स ऐप के माध्यम से हो रही गश्त एवं बोट-पेट्रोलिंग की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: हाड़ौती के विकास की नई उड़ान
इसके पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान का पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है, जो हाड़ौती क्षेत्र के पर्यटन और आर्थिक विकास को नई दिशा देगा। कार्यों की समयबद्ध प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, उदयपुर-कोटा-भरतपुर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया।

एलपीजी आपूर्ति में पारदर्शिता और सख्ती जरूरी
बैठक में मुख्य सचिव ने एलपीजी आपूर्ति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गैस वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखने, ओटीपी आधारित डिलीवरी एवं “पहले आओ, पहले पाओ” प्रणाली का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अस्पतालों, मंदिरों, कोचिंग संस्थानों एवं अन्नपूर्णा रसोई में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।
गर्मी से पहले पेयजल प्रबंधन की सुदृढ़ तैयारी
मुख्य सचिव ने आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हैंडपंप मरम्मत के लिए सघन अभियान तत्काल प्रारंभ किया जाए, ताकि आमजन को गर्मी के दौरान किसी प्रकार की जल किल्लत का सामना न करना पड़े।
प्रशासनिक समन्वय से सुनिश्चित होगा प्रभावी क्रियान्वयन
बैठक में संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, आईजी राजेंद्र गोयल, जिला कलक्टर पीयूष समारिया, बूंदी कलक्टर अक्षय गोदारा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाएगी।
