Written by : Sanjay kumar
राजसमंद/नाथद्वारा, 3 मई । धार्मिक आस्था के केंद्र के आसपास अवैध हथियारों का जाल बिछा हुआ था—यह चौंकाने वाला खुलासा उस वक्त हुआ जब पुलिस ने नाथद्वारा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9,228 तलवारों का जखीरा जब्त किया। यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और अवैध हथियार निर्माण के नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।

पुलिस ने पहली दबिश उपली ओडन क्षेत्र में दी, जहां एक भंगार गोदाम को तलवारों के अवैध स्टॉक और निर्माण केंद्र में तब्दील किया गया था। यहां से 9,032 तलवारें बरामद हुईं। मौके से तलवार बनाने और उन्हें धार देने के उपकरण—ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन और पॉलिशिंग व्हील—भी जब्त किए गए। मौके पर मौजूद अजय सिकलीगर और सोनू सुथार से जब वैध लाइसेंस मांगा गया तो वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद पुलिस ने दूसरी कार्रवाई भानसोल रोड स्थित एक बाड़े में की, जहां वेल्डिंग की आड़ में तलवार बनाने का काम चल रहा था। यहां से 196 तलवारें बरामद की गईं। इस कारखाने को चला रहे सिकंदर सिकलीगर को भी मौके से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान यहां भी भारी मात्रा में औजार, फर्मे और निर्माण सामग्री बरामद हुई।
जांच में सामने आया कि बरामद सभी तलवारें नुकीली और बड़े फल की थीं, जो निर्धारित कानूनी मानकों के अनुरूप नहीं थीं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इतनी बड़ी संख्या में हथियार किस उद्देश्य से बनाए और जमा किए जा रहे थे, और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाने की साजिश थी।
यह मामला केवल अवैध हथियारों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जो धार्मिक नगरी के आसपास सक्रिय था। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने और संभावित कनेक्शन का खुलासा करने में जुटी हुई है।
