Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 02 मई।
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी, कोटा में वृहद सामूहिक सम्यक ज्ञान एवं संस्कार शिक्षण शिविर के आयोजन की औपचारिक घोषणा के साथ ही शिविर के फ्लेक्स (पोस्टर) का विधिवत् विमोचन किया गया। यह आध्यात्मिक एवं ज्ञानवर्धक शिविर संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य, तीर्थ प्रवर्तक निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद में संपन्न होगा।
पुण्योदय अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने जानकारी दी कि शिविर का आयोजन 21 मई से 28 मई 2026 तक किया जाएगा। यह आयोजन श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर (जयपुर) एवं पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी, दादाबाड़ी कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कोटा शहर के श्रद्धालुओं और ज्ञान-पिपासुओं तक सम्यक ज्ञान एवं संस्कारों का व्यापक प्रसार करना है।
निदेशक हूकम जैन काका के अनुसार, शिविर में करुणानुयोग के प्रख्यात विद्वान विद्वत्श्री आलोक जी मोदी (ललितपुर), पारस जी शास्त्री “आदीश्वर”, दीपांशु जी, वि. हेमंत जी, शुभम जी, अभिषेक जी सहित अनेक विद्वानों द्वारा लगभग नौ कक्षाएँ संचालित की जाएँगी। शिक्षण सत्र प्रातः, दोपहर एवं सायं तीनों समय आयोजित होंगे, जिससे अधिकाधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
महामंत्री महेंद्र कासलीवाल ने बताया कि शिविर के प्रारूप निर्माण में सौरभ सिद्धार्थ शास्त्री (कोटा) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, मुख्य संयोजन धर्मचंद जैन धनोप्या एवं अर्चना (रानी) जैन सर्राफ द्वारा किया जा रहा है, जो व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
मनीष मोहिवाल ने जानकारी दी कि शिविर में जैन दर्शन के प्रमुख ग्रंथों—छहढाला, द्रव्यसंग्रह, कुंदकुंद का कुन्दन, भक्तामर स्तोत्र, जैन सिद्धांत प्रवेशिका, तत्वार्थ सूत्र, गोम्मटसार जीवकाण्ड तथा बालबोध भाग 1 एवं 2—के माध्यम से सरल, सहज एवं व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रतिभागी जीवन में आध्यात्मिक दृष्टिकोण विकसित कर सकें।
जयप्रकाश सबदरा एवं मनोज बगड़ा सहित पाठशाला संयोजिकाओं ने बताया कि इस बार बाल डिजिटल क्लास विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसमें 3 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को बड़ी डिजिटल स्क्रीन एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से धार्मिक कहानियों, गीतों और कविताओं द्वारा खेल-खेल में धर्म शिक्षा दी जाएगी।
उपाध्यक्ष सुमित सेंकी एवं जयदीप अनोपड़ा ने बताया कि शहर की विभिन्न कॉलोनियों एवं जैन मंदिरों से आने वाले स्वाध्याय प्रेमियों के लिए आवश्यकता अनुसार वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, सभी प्रतिभागियों को शिक्षण सामग्री एवं स्टेशनरी किट भी आयोजकों द्वारा प्रदान की जाएगी।
दादाबाड़ी के समस्त महिला मंडलों ने शिविर में सक्रिय भागीदारी की घोषणा की है। ज्ञान कलश स्थापना के पुण्यार्जक पदम जी, राजेंद्र जी, हूकम जी, काका प्रकाश जी एवं प्रतीक हरसोरा परिवार द्वारा पोस्टर का विमोचन कर अधिक से अधिक लोगों से शिविर में सहभागिता का आह्वान किया गया।
कानूनी सलाहकार हूकमचंद जैन ने बताया कि यह शिविर 3 वर्ष के बालकों से लेकर 70–80 वर्ष तक के सभी आयु वर्ग के लिए उपयोगी सिद्ध होगा, जहाँ जैन सिद्धांतों को अत्यंत सरल भाषा में समझाया जाएगा।
प्रशासनिक मंत्री पारस दोराया एवं अशोक खादी ने बताया कि आयोजन की समस्त प्रशासनिक एवं व्यवस्थात्मक तैयारियाँ—जैसे नगर निगम, रोड लाइट एवं अन्य सुविधाएँ—सुनियोजित रूप से सुनिश्चित की जाएँगी।
अंत में अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने सभी श्रद्धालुओं, विद्वानों एवं समाजजनों से इस शिविर को सफल बनाने हेतु तन-मन-धन से सहयोग एवं अधिकाधिक सहभागिता की अपील करते हुए इसे ऐतिहासिक बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
