कोटा मेडिकल कॉलेज में आखिर क्या हुआ? प्रसूताओं की मौत पर उठे चौंकाने वाले सवाल

Written by : Sanjay kumar

“प्रसूताओं की मौत महज़ हादसा नहीं, चिकित्सा तंत्र की घोर लापरवाही का परिणाम” — परसादीलाल मीणा

कोटा, 9 मई 2026।
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और कई महिलाओं की गंभीर हालत के मामले ने अब प्रदेश की राजनीति और स्वास्थ्य व्यवस्था को हिला दिया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल और पीड़ित परिवारों का दौरा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

जांच समिति में पूर्व चिकित्सा मंत्री प्रसादी लाल मीणा , विधायक डूंगर राम गेदर , पीसीसी महासचिव एवं कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज तथा चिकित्सा प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष डॉ विकास महला शामिल रहे।

समिति ने सुबह करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचकर आईसीयू में भर्ती प्रसूताओं से मुलाकात की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कई मरीजों और परिजनों ने समिति के समक्ष उपचार में लापरवाही, संदिग्ध दवाओं के उपयोग और समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने की शिकायतें रखीं।

इसके बाद समिति ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन के साथ बैठक कर इलाज में उपयोग की गई दवाओं, प्रतिबंधित दवाओं के उपयोग और उपचार प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी ली। समिति ने यह भी जानने का प्रयास किया कि जिन दवाओं पर सवाल उठ रहे हैं, उन्हें अस्पताल में कैसे और किस स्तर पर उपयोग में लिया गया।

समिति के सदस्य बाद में मृतका पायल के अनंतपुरा स्थित निवास पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम, देहात कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

पूर्व चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला दवा और इलाज दोनों स्तरों पर गंभीर लापरवाही का प्रतीत होता है और इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो प्रसूताओं की मौत हो चुकी है जबकि कई महिलाएं अब भी गंभीर स्थिति में हैं और कुछ मरीजों की किडनी तक प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं।

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले के बावजूद राज्य सरकार का कोई मंत्री पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं पहुंचा, न ही हालात की गंभीरता समझने का प्रयास किया गया। यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कहा कि यदि समय रहते उपचार व्यवस्था सुधारी जाती तो लगातार मौतों की नौबत नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सा तंत्र की लापरवाही के कारण कई प्रसूताओं की हालत गंभीर बनी हुई है और सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से बच रही है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई केवल लीपापोती बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चिकित्सा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की।

देहात कांग्रेस अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने न्यायिक जांच नहीं करवाई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं दिया तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगी।

इस दौरान पूर्व विधायक पूनम गोयल, पूर्व अध्यक्ष रविंद्र त्यागी, महेंद्र राजोरिया, नईमुद्दीन गुड्डू, अनूप ठाकुर, आयना महक, क्रांति तिवारी, गायत्री मीणा, सुमन मठ सिंघला, वर्षा शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

घटनाक्रम जिसने खड़े किए बड़े सवाल

कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और मौतों का सिलसिला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में चिंता का माहौल बना हुआ है। प्रारंभिक जानकारी में ऑपरेशन के बाद संक्रमण, दवाओं की गुणवत्ता, उपचार प्रक्रिया में लापरवाही और गंभीर मरीजों को समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने जैसे आरोप उभरकर सामने आए हैं।

मामले में कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई और जांच समितियों के गठन के बावजूद विपक्ष लगातार सरकार पर बड़े अधिकारियों को बचाने का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यदि निष्पक्ष न्यायिक जांच नहीं हुई तो पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।

कांग्रेस का ऐलान — “पीड़ितों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा”

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह मामला केवल दो परिवारों का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा प्रश्न है। यदि दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस सड़क से विधानसभा तक आंदोलन करेगी।

Pramukh Samvad

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