Written by : Sanjay kumar
पश्चिम एशिया तनाव और बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री का राष्ट्रहित संदेश
नई दिल्ली, 10 मई।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से संयम और जिम्मेदारी दिखाने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल और गैस जैसी ऊर्जा संसाधनों का सीमित एवं जरूरत के अनुसार उपयोग करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह समय देश की विदेशी मुद्रा बचाने और आर्थिक मजबूती बनाए रखने का है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से एक वर्ष तक सोने के नए गहने नहीं खरीदने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। ऐसे समय में अनावश्यक खर्चों से बचना ही सच्ची देशभक्ति है।
“देशहित में जिम्मेदारी निभाएं”: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। यदि लोग बिना आवश्यकता पेट्रोल-डीजल और गैस का अत्यधिक उपयोग करेंगे, तो इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ऊर्जा संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग करें ताकि वैश्विक संकट का असर भारत पर कम से कम पड़े।
सोने की खरीद पर भी संयम बरतने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के लोग हर साल बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं, जिससे विदेशी मुद्रा का भारी खर्च होता है। उन्होंने पुराने समय का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट के दौर में लोग देशहित में अपने गहने तक दान कर देते थे। हालांकि आज सरकार को दान की आवश्यकता नहीं है, लेकिन देशहित में कम से कम एक वर्ष तक नए सोने के आभूषण खरीदने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शादी, समारोह या किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में दिखावे के बजाय राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देना समय की मांग है।
वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग्स पर जोर
प्रधानमंत्री ने कोरोना काल की तरह फिर से “वर्क फ्रॉम होम” और ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा देने की सलाह दी। उनका कहना था कि इससे ईंधन की बचत होगी और अनावश्यक यात्रा कम होगी।
उन्होंने लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल माध्यमों के अधिक उपयोग की अपील करते हुए कहा कि छोटी-छोटी बचत भी देश के लिए बड़ा योगदान बन सकती है।
खाने के तेल और गैस की बचत की भी सलाह
प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि खाने के तेल और गैस की बचत भी जरूरी है। यदि हर परिवार खाने के तेल का थोड़ा कम उपयोग करे तो आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को काफी हद तक बचाया जा सकता है।
उन्होंने किसानों से सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सस्ती खाद का सही उपयोग करने की भी अपील की।
ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर तेजी से काम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों पर तेजी से काम कर रही है। भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो सके।
उन्होंने बताया कि सरकार पाइपलाइन गैस, सीएनजी और स्वच्छ ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जिससे भविष्य में ऊर्जा संकट का प्रभाव कम किया जा सके।
प्रधानमंत्री की प्रमुख अपीलें एक नजर में
- पेट्रोल, डीजल और गैस का सीमित उपयोग करें
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- ऑनलाइन मीटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम अपनाएं
- एक वर्ष तक सोने के नए गहने न खरीदें
- खाने के तेल की खपत कम करें
- ऊर्जा और संसाधनों की बचत को राष्ट्रसेवा मानें
