कोटा प्रसूताओं की मौत : एम्स विशेषज्ञों की टीम करेगी जांच, नई एसओपी होगी लागू, 2 डॉक्टर व 2 नर्सिंग अधिकारी निलंबित

Written by : Sanjay kumar

कोटा/जयपुर, 12 मई। कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत एवं स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को राज्य सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए लगातार सख्त प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को कोटा पहुंचकर जेके लोन अस्पताल, एमबीएस अस्पताल एवं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सीएडी सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए।

अस्पतालों की व्यवस्थाओं और उपचार प्रणाली की समीक्षा

प्रमुख शासन सचिव श्रीमती राठौड़ ने अस्पतालों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार व्यवस्था, पोस्ट ऑपरेटिव मॉनिटरिंग, स्क्रीनिंग सिस्टम, संक्रमण नियंत्रण एवं नर्सिंग प्रशिक्षण की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा मरीजों को संवेदनशीलता एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जेके लोन अस्पताल में मरीजों और परिजनों से संवाद

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेके लोन अस्पताल के लेबर रूम, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, पीडियाट्रिक वार्ड एवं पैथोलॉजी लैब का जायजा लिया तथा मरीजों एवं परिजनों से संवाद कर उपचार, साफ-सफाई एवं दवा वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की विशेष मॉनिटरिंग, प्रसूताओं एवं नवजात शिशुओं की नियमित स्क्रीनिंग तथा पोस्ट ऑपरेटिव प्रोटोकॉल की सख्त पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

पीडियाट्रिक वार्ड के निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि बच्चों एवं प्रसूताओं की स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता, सतर्कता और त्वरित उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने, जांच एवं परामर्श सेवाओं को मजबूत करने के भी निर्देश दिए।

नर्सिंग प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी

एमबीएस अस्पताल निरीक्षण के दौरान नर्सिंग प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए श्रीमती राठौड़ ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और उन्हें पूर्ण दक्षता एवं व्यावहारिक अनुभव के साथ प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित निजी नर्सिंग कॉलेज के विरुद्ध नोटिस जारी करने तथा प्रशिक्षणरत नर्सिंग स्टाफ को वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में ही कार्य कराने के निर्देश दिए।

लोकसभा अध्यक्ष ने ली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

इसी बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सीएडी सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक जानकारी ली तथा कहा कि प्रसूताओं की मृत्यु अत्यंत संवेदनशील मामला है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जवाबदेही तय करते हुए सख्त एसओपी एवं प्रोटोकॉल तैयार किए जाएं।

एम्स और केंद्रीय संस्थानों की विशेषज्ञ टीम करेगी जांच

लोकसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि दिल्ली एम्स एवं अन्य केंद्रीय चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों की टीम शीघ्र ही कोटा-बूंदी के अस्पतालों का दौरा करेगी। यह टीम ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण के कारणों, सर्जरी प्रक्रिया एवं अस्पताल व्यवस्थाओं की गहन जांच कर विस्तृत रिपोर्ट और नई एसओपी तैयार करेगी।

सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं की होगी व्यापक समीक्षा

उन्होंने संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित कर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों की साफ-सफाई, नर्सिंग व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं एवं संसाधनों की समीक्षा करने तथा सुधार का रोडमैप तैयार करने के निर्देश भी दिए। बिरला ने कहा कि सरकारी अस्पतालों पर आमजन का विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।

इलाज और पर्यवेक्षणीय लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

राज्य सरकार ने मामले में अब तक की जांच में सामने आई इलाज एवं पर्यवेक्षणीय लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, न्यू मेडिकल कॉलेज कोटा के आचार्य डॉ. बद्रीलाल एवं सह आचार्य डॉ. खुशबू मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त जेके लोन अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी पिंकी खींची एवं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी मीणा को भी निलंबित किया गया है।

अस्पताल अधीक्षकों को जारी किए कारण बताओ नोटिस

प्रशासनिक एवं पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी में लापरवाही मानते हुए जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा एवं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दो दिन में नई एसओपी जारी करने के निर्देश

प्रमुख शासन सचिव ने न्यू मेडिकल कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिए कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के सुझावों के आधार पर अस्पताल प्रक्रियाओं, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, पेशेंट ट्रीटमेंट रिकॉर्ड एवं संक्रमण नियंत्रण को लेकर आगामी दो दिवस में नई एसओपी जारी की जाए तथा उसकी सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर एवं आपातकालीन इकाइयों में नियमित स्टरलाइजेशन, पोस्ट ऑपरेटिव मॉनिटरिंग एवं दवा वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए।

रात्रिकालीन निरीक्षण और रिकॉर्ड संधारण पर विशेष निर्देश

उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को रात्रिकालीन समय में भी अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करने, रिकॉर्ड संधारण को व्यवस्थित रखने तथा उपचार, दवा एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन संबंधी सभी नोट्स प्रोटोकॉल के अनुसार दर्ज करने के निर्देश दिए।

वरिष्ठ प्रशासनिक एवं चिकित्सा अधिकारी रहे मौजूद

बैठकों एवं निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर पीयूष समारिया, संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. निलेश जैन, अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. आरपी मीणा, एमबीएस अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र नागर सहित विभिन्न अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

Pramukh Samvad

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