Written by : Sanjay kumar
इंद्रगढ़/बूंदी, 14 मई। क्षेत्र के प्रसिद्ध आस्था केंद्र श्री बीजासन माता मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार द्वारा लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत से रोपवे निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने के बाद पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा। विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं अस्वस्थ श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

राजस्थान सरकार की बजट घोषणा के तहत इस रोपवे परियोजना को स्वीकृति दी गई थी। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla द्वारा 23 फरवरी को बीजासन माता मंदिर क्षेत्र में भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। अब निर्माण कार्य शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।
परियोजना के तहत रोपवे में 12 ट्रॉलियां स्थापित की जाएंगी, जिनमें प्रत्येक ट्रॉली में 6 श्रद्धालु एक साथ यात्रा कर सकेंगे। इस प्रकार एक समय में 72 श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए रोपवे का उपयोग कर सकेंगे। भविष्य में श्रद्धालुओं की संख्या और आवश्यकता के अनुसार ट्रॉलियों की संख्या बढ़ाकर 16 तक की जा सकती है, जिससे एक साथ 96 श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकेगी।
रोपवे निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रारंभिक स्तर पर क्षेत्र में तारबंदी का कार्य शुरू कर दिया गया है। आगामी 15 से 20 दिनों में निर्माण गतिविधियां और तेज होंगी। इसके बाद सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल कार्य पूरे किए जाएंगे। निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात सुरक्षा मानकों के तहत परीक्षण प्रक्रिया भी की जाएगी। सफल परीक्षण के बाद श्रद्धालुओं के लिए रोपवे सेवा शुरू की जाएगी।
अब तक श्रद्धालुओं को माता के दर्शन के लिए करीब 750 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रोपवे शुरू होने के बाद यह यात्रा सरल और सुगम बन जाएगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि रोपवे बनने से न केवल श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। इससे इंद्रगढ़ क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
समिति पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने रोपवे परियोजना को क्षेत्र की आस्था, सुविधा और विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
