निकाय-पंचायत चुनाव: भाजपा ने 7 संभागों में तैनात किए 21 बड़े रणनीतिकार; अगस्त के प्रथम सप्ताह से कांग्रेस शुरू करेगी बैठकों का दौर

Written by : Sanjay kumar

जयपुर, 26 जुलाई 2026:
राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की आहट के साथ ही राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। चुनावी बिगुल बजने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (आरसीसीC) ने अपनी-अपनी संगठनात्मक तैयारियों को धार देना प्रारंभ कर दिया है।

भाजपा ने गठित की संभागीय चुनाव संचालन समितियां

चुनावों को विधानसभा स्तर की गंभीरता से लेते हुए भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के सभी सातों संभागों के लिए ‘संभागीय चुनाव संचालन समितियों’ के गठन की घोषणा की है। प्रत्येक संभाग में तीन-तीन वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं (कुल 21 रणनीतिकार) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस समिति में सांसद, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष शामिल हैं, जो स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रबंधन, सांगठनिक समन्वय और रणनीति निर्माण की कमान संभालेंगे।


संभागवार प्रमुख जिम्मेदारियां:

  • जयपुर संभाग: घनश्याम तिवाड़ी, प्रभुलाल सैनी, लालचंद कटारिया
  • जोधपुर संभाग: ओंकार सिंह लखावत (अध्यक्ष, धरोहर प्राधिकरण), सी.आर. चौधरी (अध्यक्ष, किसान आयोग), हेमराज मीणा
  • भरतपुर संभाग: अरुण चतुर्वेदी (अध्यक्ष, वित्त आयोग), हरीराम रिणवा, शंकर सिंह राजपुरोहित
  • कोटा संभाग: सी.पी. जोशी, अर्जुनलाल मीणा, अजीत मेहता
  • अजमेर संभाग: अशोक परनामी, ज्योति मिर्धा, देवजी पटेल
  • उदयपुर संभाग: राजेन्द्र राठौड़, नारायण पंचारिया, जसकौर मीणा
  • बीकानेर संभाग: मुकेश दाधीच, जसवंत सिंह विश्नोई (अध्यक्ष, जीव कल्याण बोर्ड), संतोष अहलावत

अगस्त के पहले सप्ताह से मैदान में उतरेगी कांग्रेस

दूसरी ओर, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस पार्टी आगामी निकाय और पंचायत चुनावों के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। पार्टी अगस्त के प्रथम सप्ताह से प्रदेश भर में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी लाएगी।
कांग्रेस की चुनावी कार्ययोजना:

  1. स्तरीय बैठकें: नगर, जिला और ब्लॉक कांग्रेस समितियों की श्रृंखला-बद्ध बैठकें आयोजित की जाएंगी।
  2. फीडबैक तंत्र: सभी जिलों के प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और आम जनता से सीधा संवाद करेंगे।
  3. रिपोर्ट एवं रणनीति: जमीनी स्थिति और स्थानीय सुझावों के आधार पर एक विस्तृत फीडबैक रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपी जाएगी।
  4. बूथ स्तर की मजबूती: प्राप्त फीडबैक के आधार पर संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाएगा और चुनावी रणनीति तय होगी।
    राजस्थान के आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव राज्य की राजनीति की भावी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Pramukh Samvad

ताजा खबरों को देखने के लिए प्रमुख संवाद से जुड़े

https://www.pramukhsamvad.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!