Written by : प्रमुख संवाद
कोटा, 1 अगस्त। स्टोन शिपर्स कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) के नेतृत्व में स्टोन शिपर्स कंपनी से निष्कासित कर्मचारियों ने अपने परिवारों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कोटा स्थित कैंप कार्यालय में मुलाकात कर नौकरी बहाली की मांग रखी।
कर्मचारियों ने बताई अपनी पीड़ा
मुलाकात के दौरान कर्मचारियों ने कंपनी में लंबे समय से चल रहे विवाद, सेवा से हटाए जाने की कार्रवाई तथा कंपनी के मुख्य द्वार पर जारी धरना-प्रदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नौकरी छिनने से उनके परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों की पत्नियों एवं बच्चों ने भी अपनी समस्याएं बताते हुए परिवारों के भविष्य और रोजगार की सुरक्षा की मांग की।
समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन
लोकसभा अध्यक्ष ने कर्मचारियों और उनके परिजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया है, उनकी नौकरी बहाली के संबंध में कंपनी प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर उचित प्रयास किए जाएंगे।
हरसंभव सहयोग का दिलाया विश्वास
बिरला ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और किसी भी कर्मचारी की आजीविका पर संकट नहीं आने दिया जाएगा। उनके इस आश्वासन से कर्मचारियों एवं उनके परिवारों में उम्मीद जगी।
भारतीय मजदूर संघ ने रखी संगठन की बात
मुलाकात के दौरान भारतीय मजदूर संघ, जिला कोटा तथा स्टोन शिपर्स कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नाथूलाल गोस्वामी ने कहा कि कर्मचारियों के साथ हुए अन्याय को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और नौकरी बहाली तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। महामंत्री राजेश पाराशर ने कहा कि संगठन पूरी मजबूती के साथ कर्मचारियों के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास करेगा। पदाधिकारियों ने लोकसभा अध्यक्ष को संगठन के शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन की जानकारी देते हुए शीघ्र नौकरी बहाली की मांग की।
