Written by : प्रमुख संवाद
कोटा/जयपुर, 1 अगस्त। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत एवं राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश में उच्च शिक्षा के सुदृढ़ीकरण, शोध एवं नवाचार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विश्वविद्यालयों की भावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने दोनों विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण की सराहना करते हुए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु कार्यालय के ओएसडी अजय शर्मा भी उपस्थित रहे
भेंट के दौरान प्रो. बी.पी. सारस्वत ने प्रदेश में आयोजित होने वाली राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET-2026) की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा का आयोजन इस वर्ष कोटा विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने परीक्षा की पारदर्शिता, सुचारु संचालन तथा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए किए जा रहे प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रबंधों से मुख्य सचिव को अवगत कराया।
प्रो. सारस्वत ने बताया कि एक वर्ष से भी कम समय में विश्वविद्यालय ने 10 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक समझौते (एमओयू) कर वैश्विक अकादमिक सहयोग की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया गया है तथा साइबर सुरक्षा, वैज्ञानिक लेखन, शोध नैतिकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे समकालीन विषयों पर कार्यशालाओं का आयोजन कर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य बजट में भगवान बिरसा मुंडा शोधपीठ की घोषणा विश्वविद्यालय में अनुसंधान गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी।
उन्होंने विश्वविद्यालय के दीर्घकालिक विजन पर प्रकाश डालते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आधुनिक शोध सुविधाओं के विस्तार, उद्योग-अकादमिक सहयोग, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा तथा रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता देने की जानकारी दी। साथ ही राज्य सरकार के सहयोग से उच्च शिक्षा को और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने विश्वविद्यालय में संचालित शोध, नवाचार, उद्योग-संस्थान सहयोग, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण तथा विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने की दिशा में चल रही पहलों पर भी प्रकाश डाला।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उद्योग-अकादमिक सहयोग, कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण शोध और नवाचार पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि प्रदेश के युवा वैश्विक स्तर की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सकें। उन्होंने विश्वविद्यालयों के अधोसंरचना विकास, शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुसंधान गतिविधियों के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
