Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 4 अगस्त 2026
नेशनल हाईवे के किनारे जमीन खरीदने या उस पर मकान, होटल, ढाबा अथवा अन्य व्यावसायिक निर्माण की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट की सख्ती के बाद अगले आदेश तक नेशनल हाईवे की सेंटर लाइन से 40 मीटर तक की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज कन्वर्जन) पर रोक लगा दी है। वहीं 75 मीटर तक होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मोटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी नए कन्वर्जन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिला कलेक्टरों को जारी हुए निर्देश
राजस्व विभाग ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश कर दिए हैं। नए आदेश के अनुसार 40 मीटर की सीमा के भीतर किसी भी प्रकार के आवासीय निर्माण के लिए भूमि का कन्वर्जन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा 75 मीटर तक व्यावसायिक उपयोग के लिए भी नई अनुमति जारी नहीं होगी।
सड़क सुरक्षा को देखते हुए लिया गया निर्णय
यह निर्णय राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और न्यायालयों के निर्देशों की पालना के तहत लिया गया है। पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे नियमों के विपरीत संचालित होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईवे की सेंटर लाइन से 40 मीटर तक आवासीय तथा 75 मीटर तक व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक संबंधी निर्देश जारी किए।
इन परियोजनाओं पर पड़ेगा सीधा असर
नए आदेश के बाद अब नेशनल हाईवे से सटी कृषि भूमि का आवासीय या व्यावसायिक उपयोग के लिए भू-उपयोग परिवर्तन नहीं हो सकेगा। इससे हाईवे किनारे प्रस्तावित नई कॉलोनियों, होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप से जुड़ी परियोजनाओं तथा अन्य व्यावसायिक विकास योजनाओं पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
जमीन खरीदने से पहले करें पूरी जांच
विशेषज्ञों का कहना है कि नेशनल हाईवे के आसपास जमीन खरीदने से पहले उसकी दूरी, भू-उपयोग की स्थिति और सरकारी नियमों की पूरी जानकारी अवश्य ले लें। नियमों की अनदेखी भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का कारण बन सकती है। वहीं 40 मीटर से बाहर केवल आवासीय उपयोग के लिए नियमानुसार कन्वर्जन की प्रक्रिया जारी रहेगी।
