Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 7 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में राजस्थान के स्थानीय स्वशासन से जुड़े दो महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने आगामी पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की अवधारणा के तहत एक साथ कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू करने का भी रास्ता साफ हो गया है।
अब एक साथ होंगे पंचायत और निकाय चुनाव
मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि अब प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव अलग-अलग समय पर नहीं, बल्कि एक साथ आयोजित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे बार-बार चुनाव होने से विकास कार्यों पर पड़ने वाला प्रभाव कम होगा तथा धन, समय और प्रशासनिक संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2024-25 के बजट में इस व्यवस्था को लागू करने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
OBC आयोग की सिफारिशें स्वीकार, आरक्षण का रास्ता साफ
कैबिनेट ने राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग की 5 अगस्त 2026 को प्राप्त सिफारिशों को भी स्वीकार कर लिया है। इसके बाद नगरीय निकाय एवं पंचायतीराज अधिनियम में एससी, एसटी के साथ-साथ ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे स्थानीय निकायों में आरक्षित सीटों के निर्धारण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
लॉटरी से होगा आरक्षित सीटों का निर्धारण
सरकार के अनुमोदन के बाद अब एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के लिए आरक्षित सीटों का निर्धारण लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी आएगी और आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों की रूपरेखा स्पष्ट हो सकेगी।
प्रेसवार्ता में मौजूद रहे वरिष्ठ मंत्री
कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी प्रेसवार्ता में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ तथा संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने संयुक्त रूप से दी। सरकार ने इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
