Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 12 अगस्त :
राजस्थान के शहरी सार्वजनिक परिवहन तंत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत होने जा रही है। पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और नागरिकों को सुगम, सुरक्षित व आधुनिक सफर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में ‘पीएम ई-बस सेवा’ (PM e-Bus Sewa) के अंतर्गत कुल 1,150 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को अंतिम रूप दे दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप शुरुआती आवंटन के दायरे को बढ़ाते हुए इस महत्वाकांक्षी हरित परिवहन मास्टरप्लान का दायरा प्रदेश के प्रमुख शहरों तक विस्तृत कर दिया गया है।

आठ प्रमुख महानगरों में चरणबद्ध संचालन
इस योजना के प्रथम चरण के तहत राजस्थान के नौ बड़े और घनी आबादी वाले नगरीय क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। राज्य की राजधानी जयपुर को इस बेड़े का सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जहाँ 450 ई-बसें चलाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, जोधपुर और बीकानेर को 125-125 बसें, तथा उदयपुर, कोटा, अलवर, अजमेर व भीलवाड़ा प्रत्येक शहर को 100-100 ई-बसें आवंटित की गई हैं। यह कदम महानगरों में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं और उच्चस्तरीय सुरक्षा
नई पीढ़ी की ये इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह वातानुकूलित (AC), शोर-रहित और आधुनिक तकनीक से लैस हैं। यात्रियों की सुरक्षा कोसर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक वाहन में लाइव सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और आपातकालीन पैनिक बटन स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों की सुगमता के लिए लो-फ्लोर डिजाइन, स्वचालित रैंप और पर्याप्त स्पेस सुनिश्चित किया गया है। जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग और डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के जुड़ने से यात्री अपने सफर को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से प्लान कर सकेंगे।
मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक डिपो
बसों के निर्बाध और सुचारू संचालन के लिए शहरों के प्रमुख डिपो (जैसे कोटा का सुभाष नगर डिपो) को आधुनिक हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशनों और ‘बिहाइंड द मीटर’ पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया जा रहा है। बसों के रखरखाव और संचालन के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को अपनाया गया है, जिससे तकनीकी दक्षता और समयबद्ध सेवाओं को बल मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण और किफायती आवागमन
पारंपरिक डीजल और पेट्रोल चालित वाहनों के विकल्प के रूप में यह बेड़ा ‘ज़ीरो एमिशन’ (Zero Emission) के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा, जिससे वायु और ध्वनि प्रदूषण में भारी कमी आएगी। किफायती और सुलभ किराए (जैसे स्थानीय रूटों पर न्यूनतम ₹10 से शुरुआत) के चलते यह सेवा समाज के हर वर्ग, विशेषकर विद्यार्थियों, दैनिक कामगारों और ऑफिस जाने वाले नागरिकों के लिए अत्यंत सुविधाजनक साबित होगी।
