किसान की बदहाली पर कांग्रेस का हल्ला बोल: डेटा बैंक बनेगा, आंदोलन की रणनीति तैयार

Written by : प्रमुख संवाद
Published : 17 अप्रैल 2025

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कोटा : कांग्रेस की किसान जागृति यात्रा गुरुवार को कोटा पहुंची। गुमानपुरा स्थित कांग्रेस कार्यालय में किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय पदाधिकारियों ने स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर किसानों की जमीनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शिवभगवान नागा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान आज दयनीय हालात में पहुंच गया है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस किसानों की आवाज़ को बुलंद करेगी और आंदोलन के माध्यम से सरकार को जवाब देगी।

राजस्थान प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव सत्यवीर यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा मजदूर, किसान और गरीब के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। किसान कांग्रेस की यह यात्रा प्रदेश के हर जिले से किसानों की समस्याएं एकत्र कर डेटा बैंक तैयार करेगी। इसी आधार पर आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी और आने वाली कांग्रेस सरकार में इन समस्याओं के स्थायी समाधान के प्रयास किए जाएंगे।

बैठक में पीसीसी सचिव शिवकांत नंदवाना, जिलाध्यक्ष रविंद्र त्यागी, यात्रा संयोजक रविंद्र सिंह हाड़ा सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने कहा कि किसानों को लागत मूल्य नहीं मिल रहा, बिजली और नहरी पानी की किल्लत है, और कृषि यंत्रों पर टैक्स किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है।

सत्यवीर यादव ने कहा कि झालावाड़ में संतरे की खेती को बाजार नहीं मिल रहा, बीकानेर में मूंगफली और हाड़ोती में सरसों-गेहूं की फसलों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एमएसपी देने के पक्ष में नहीं है और किसानों को दिल्ली तक पहुंचने से रोका जा रहा है।

रविंद्र सिंह हाड़ा ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर प्रदेश में किसान कांग्रेस को मजबूती दी जा रही है और संगठन का विस्तार करते हुए नई जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।

बैठक में जिला सचिव चंदन कुमार, हिमांशु शर्मा, प्रमोद कुमार, हेमंत झाला, यश गौतम सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मुख्य बिंदु:

  • किसानों की समस्याओं पर बनेगा प्रदेश स्तरीय डेटा बैंक
  • आंदोलन की रणनीति में होगा क्षेत्रीय मुद्दों का समावेश
  • फसल की उचित कीमत, बिजली, पानी और टैक्स जैसे मुद्दों को प्रमुखता
  • संगठन विस्तार और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण

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