दलदली जमीन पर बनी 16 मंजिला अवैध मल्टी: अस्तित्व अनंता पर सील की मांग, निवेशकों को सतर्क रहने की चेतावनी

Written by : प्रमुख संवाद


कोटा, 18 अप्रैल। कोटा के नेहरू पार्क के सामने स्टेशन रोड पर बनी 16 मंजिला “अस्तित्व अनंता” नामक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग को लेकर गंभीर अनियमितताओं और सुरक्षा चिंताओं की शिकायत सामने आई है। इस मल्टी के पीछे स्थित कृष्णा एन्क्लेव कॉलोनी के निवासियों ने जिला प्रशासन से बिल्डिंग को तुरंत सीज करने की मांग की है और निवेशकों को आगाह किया है कि विवादित वन भूमि पर बनी इस इमारत में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

कॉलोनी निवासी अरविन्द कुमार शर्मा ने बताया कि यह निर्माण कार्य न केवल अवैध है, बल्कि पूरी कॉलोनी के लिए खतरा भी बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल्डर ने रियासत कालीन नाले पर कब्जा कर उसका अस्तित्व मिटा दिया और बगैर अनुमति के 16 मंजिला इमारत खड़ी कर दी। इस मल्टी का निर्माण क्षेत्र चंबल नदी के भराव क्षेत्र में है, जहां की जमीन अब भी दलदली है और चार से छह फीट पानी में डूबी रहती है।

उन्होंने यह भी बताया कि बिल्डर ने कृष्णा एन्क्लेव की पिछली दीवारों से सटा कर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी, जिससे निवासियों की वर्षों पुरानी खिड़कियां और वेंटिलेशन पूरी तरह बंद हो गई हैं। यह हवा और रोशनी के उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। साथ ही, कॉलोनी की सीवरेज लाइन और जल निकासी को भी क्षतिग्रस्त किया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति बन गई है।

श्रीमती आशा जैन, एक अन्य निवासी, ने बताया कि इमारत का बेस काफी कमजोर है और इसके अनुपात में ऊंचाई अत्यधिक है। उन्होंने कहा कि ऐसी दलदली जमीन पर सुरक्षित बहुमंजिला इमारत के लिए गहरी नींव और विशेष तकनीक की आवश्यकता होती है, लेकिन यहां सामान्य पाइलिंग कर कंक्रीट के पिलर खड़े कर दिए गए हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत खतरनाक है।

निवासियों ने यह भी दावा किया कि यह क्षेत्र वन विभाग के अंतर्गत आता है और पहले भी इस जमीन को लेकर विभाग व बिल्डर के बीच विवाद हो चुका है। कॉलोनिवासियों ने नगर निगम कमिश्नर सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपा है और मांग की है कि जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक इस इमारत को सीज कर निर्माण कार्य पर पूर्ण रोक लगाई जाए।

कृष्णा एन्क्लेव निवासियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्हें न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा।


Pramukh Samvad

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