Written by : प्रमुख संवाद
कोटा | 26 दिसम्बर
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा में इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा (1996-2000 पी-बैच) के पूर्व छात्रों द्वारा अपनी शैक्षणिक यात्रा की सिल्वर जुबली के उपलक्ष्य में आरटीयू एलुमनाई मीट-2025 का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर भारत सहित अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर एवं अन्य देशों में कार्यरत 160 से अधिक पूर्व छात्र अपने परिवारजनों के साथ कोटा पहुँचे और आयोजन में सहभागी बने।
आरटीयू के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि आयोजन के दौरान पूर्व छात्र प्रशासनिक सेवाओं, इंजीनियरिंग, तकनीकी, प्रबंधन एवं कॉर्पोरेट जगत के उच्च एवं प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत होने के बावजूद अपनी शैक्षणिक जड़ों से पुनः जुड़ते नजर आए। कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षक सम्मान समारोह, परिचय सत्र तथा संवादात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. निमित रंजन चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि आरटीयू के पूर्व विद्यार्थी देश-विदेश की महत्वपूर्ण संस्थाओं में अपनी सेवाएँ देकर विश्वविद्यालय की पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी हैं और उनकी अकादमिक उपलब्धियों के कारण ही आरटीयू आज तकनीकी शिक्षा के एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. रंजन महेश्वरी ने कहा कि एलुमनाई किसी भी विश्वविद्यालय की रीढ़ होती है। उनका अनुभव, मार्गदर्शन और सहभागिता वर्तमान विद्यार्थियों को न केवल प्रेरणा देती है, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान और नवाचार को भी मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने एलुमनाई के साथ सतत सहयोग को विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि आयोजन के दौरान पूर्व छात्रों ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा किया और आरटीयू में प्राप्त शिक्षा, अनुशासन एवं मूल्यों को अपने व्यावसायिक जीवन की मजबूत नींव बताया। इस अवसर पर कई सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
प्रेरक सत्र, संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
एलुमनाई मीट के दौरान प्रेरक सत्र, अनुभव साझा करने की गतिविधियाँ, नेटवर्किंग सेशन तथा विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं। एलुमनाई और वर्तमान छात्रों के बीच संवाद सत्र में करियर मार्गदर्शन, उद्योग अनुभव और भविष्य की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। आयोजन का संयोजन राजीव वाष्र्णेय, रितेश समदानी एवं ईसीके एलुमनाई एसोसिएशन द्वारा किया गया।
कैंपस भ्रमण से पुनर्जीवित हुई छात्र जीवन की यादें
आयोजन के पहले दिन पूर्व छात्रों ने राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर (तत्कालीन इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा) का भ्रमण किया। पुराने क्लासरूम, प्रयोगशालाओं एवं हॉस्टल को देखकर 1996 का छात्र जीवन पुनः जीवंत हो उठा। कई पूर्व छात्र अपने शिक्षकों से मिलकर भावुक हो गए। दूसरे दिन कोटा शहर भ्रमण का आयोजन किया गया। सभी एलुमनाई के ठहरने की व्यवस्था मेनाल रेजिडेंसी में की गई थी।
देश-विदेश में कार्यरत एलुमनाई की प्रभावशाली उपस्थिति
इस अवसर पर अजयपाल लांबा (आईजी, जयपुर), भंवर सहाय मीणा (उप निदेशक, एचएएल नासिक) सहित अनेक ऐसे पूर्व छात्र उपस्थित रहे, जो विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं। एलुमनाई सदस्यों ने विश्वविद्यालय और शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वे भविष्य में भी छात्रों के हित में मार्गदर्शन, संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
सम्मान, कृतज्ञता और सशक्त भविष्य की प्रतिबद्धता
एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव डॉ. आर.के. बन्याल एवं फैकल्टी सदस्यों द्वारा पूर्व छात्रों का मोमेंटो एवं उपर्णा भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन रितेश समदानी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह सिल्वर जुबली एलुमनाई मीट न केवल पूर्व छात्रों के पुनर्मिलन का अवसर बना, बल्कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय और उसके एलुमनाई के बीच मजबूत, स्थायी और उद्देश्यपूर्ण संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुआ।
