Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 15 जनवरी। सेना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सेना अध्यक्ष ने भारतीय सेना और नागरिकों के बीच गहरे एवं सुदृढ़ संबंधों को रेखांकित करते हुए सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों की सेवा और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना उभरती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप नई संरचनाओं, इकाइयों और उन्नत प्रौद्योगिकी को अपनाते हुए आत्मनिर्भरता आधारित भविष्य की ओर निर्णायक रूप से अग्रसर है।
सेना अध्यक्ष ने स्वदेशी रूप से विकसित हथियार प्रणालियों एवं उपकरणों के प्रदर्शन के माध्यम से स्पष्ट किया कि स्वदेशीकरण अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने बताया कि सेना दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे, नवाचार, नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रित क्षमताओं को सुदृढ़ कर रही है, जिससे कनेक्टिविटी, सूचना प्रवाह और निर्णय प्रक्रिया में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रौद्योगिकी का उद्देश्य सैनिक को सशक्त बनाना है, उसका स्थान लेना नहीं।
समारोह के समापन पर ‘शौर्य संध्या’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर माननीय रक्षा मंत्री प्रथम दिवस आवरण का विमोचन करेंगे तथा आभासी माध्यम से अनेक ‘नमन केंद्रों’ का उद्घाटन करेंगे। साथ ही वीर सैनिकों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा।
शौर्य संध्या के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का मंचन, एक हजार ड्रोन का भव्य प्रदर्शन तथा पारंपरिक मार्शल आर्ट कलारीपयट्टू और मलखंब की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता अपेक्षित है।
