मतदाता सूची से लोकतंत्र पर हमला: प्रहलाद गुंजल का आरोप—भाजपा सत्ता बचाने के लिए प्रशासन पर दबाव बना रही

Written by : प्रमुख संवाद

कोटा, 15 जनवरी।
राजस्थान में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के प्रथम चरण के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची पर आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि पर कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर आपत्तियां दाखिल कीं। इस दौरान कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।

प्रहलाद गुंजल ने कहा कि प्रदेश के बीएलओ ने अपना कार्य ईमानदारी से किया है, लेकिन सरकार लगातार दबाव बनाकर प्रशासन से गलत काम करवाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के राजस्थान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री आवास पर हुई लंबी बैठक में सरकार के कामकाज या कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि मतदाता सूची में हेरफेर को लेकर चर्चा हुई।

गुंजल का आरोप है कि इस बैठक के बाद राज्य के कलेक्टरों पर दबाव बनाया गया कि भाजपा कार्यालयों से जारी सूची के आधार पर कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम काटने के लिए फॉर्म नंबर 7 भरवाए जाएं, जबकि वास्तविक मतदाताओं के नाम जोड़ने वाले फॉर्म नंबर 6 को जानबूझकर लंबित रखा जाए।

उन्होंने कहा कि दलित, एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के कांग्रेस समर्थित मतदाताओं को निशाना बनाकर उनके नाम काटने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं फर्जी और गलत तरीके से नए नाम जोड़े जा रहे हैं।

प्रहलाद गुंजल ने बताया कि उन्होंने जिला कलेक्टरों और एडीएम सिटी से सीधे बात कर स्पष्ट कहा है कि वे सरकार के दबाव में आकर लोकतंत्र के खिलाफ कोई कदम न उठाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गलत तरीके से मतदाताओं के नाम काटे गए तो कांग्रेस पीड़ित नागरिकों के साथ मिलकर बेमियादी आंदोलन करेगी।

गुंजल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश में अराजकता का माहौल पैदा कर, लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित कर सत्ता में स्थायी बने रहने का रास्ता तलाश रही है। उन्होंने कहा कि इस सरकार का लोकतंत्र से विश्वास उठ चुका है और वह सांप्रदायिक तनाव पैदा कर राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति पर काम कर रही है।

अंत में गुंजल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं, आम नागरिकों और बुद्धिजीवियों से अपील की कि इस साजिश का डटकर मुकाबला किया जाए। उन्होंने कहा कि अब चुप रहना आत्मघाती होगा और कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सड़क से लेकर रेल और जेल तक संघर्ष के लिए तैयार रहे, क्योंकि आने वाला समय निर्णायक और आर-पार की लड़ाई का संकेत दे रहा है।

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