Written by : Sanjay kumar
कोटा, 8 फरवरी| शनिवार रात्रि को कोटा शहर के इंद्रविहार ओपेरा रोड क्षेत्र में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। व्यस्त बाजार क्षेत्र में स्थित तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। चंद पलों में सामान्य रात्रिकालीन चहल-पहल मातम में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। इससे पहले कि कोई स्थिति को समझ पाता, इमारत का ढांचा पूरी तरह धराशायी हो गया। धूल और मलबे के बीच चीख-पुकार गूंज उठी। कई लोग मलबे के नीचे दब गए, जिनमें छात्र, स्थानीय नागरिक और भोजनालय में मौजूद लोग शामिल थे।

इस दर्दनाक दुर्घटना में पश्चिम बंगाल के कूचबिहार निवासी 20 वर्षीय कोचिंग छात्र, जो कोटा में आईआईटी-जेईई की तैयारी कर रहा था, की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वह इंजीनियर बनने का सपना लेकर कोटा आया था, जो इस हादसे में हमेशा के लिए टूट गया। हादसे के समय वह अपनी मां के साथ भोजन करने गया था। इस घटना में उसकी मां गंभीर रूप से घायल हुई हैं और उनका उपचार कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है। इसके अतिरिक्त, एक 14 वर्षीय बालक की भी जान चली गई।
हादसे में कुल 10 लोग घायल हुए हैं, जिनका चिकित्सकीय उपचार जारी है। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से लोगों को निकालने के प्रयास किए गए। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, नगर निगम और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया। कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबे के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
इस हादसे ने एक बार फिर शहर में निर्माणाधीन और व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में निर्माण गुणवत्ता और संरचनात्मक मजबूती की जांच की जा रही है। प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
कोटा शहर, जो देशभर के विद्यार्थियों के सपनों का केंद्र माना जाता है, इस हादसे के बाद शोक में डूबा हुआ है। प्रशासन और सामाजिक संगठनों द्वारा मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है तथा घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
