Written by : Sanjay kumar
जयपुर, 11 मई। राजस्थान की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलावों के संकेत मिलने लगे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली दौरे के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से अहम मुलाकातें कीं, जिसके बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार, विभागीय फेरबदल, बोर्ड-आयोगों में नियुक्तियों और राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन तथा संगठन महामंत्री बीएल संतोष से अलग-अलग मुलाकात कर संगठन और सरकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन अब प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक संतुलन साधते हुए नई रणनीति पर काम कर रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के संकेत
राजस्थान सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा लगातार चल रही है। वर्तमान में राज्य मंत्रिपरिषद में 24 मंत्री कार्यरत हैं, जबकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार छह पद अभी भी रिक्त हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही नए चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता है।
इसके साथ ही कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी चर्चा है। पार्टी नेतृत्व आगामी स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति बना रहा है।
बोर्ड, आयोग और अकादमियों में नियुक्तियों की तैयारी
भाजपा संगठन और सरकार के बीच हुई बैठकों में विभिन्न बोर्ड, आयोग, निगम, प्राधिकरण और अकादमियों में लंबित नियुक्तियों पर भी मंथन हुआ। बताया जा रहा है कि कई नामों को लेकर सहमति बन चुकी है और जल्द ही नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो सकता है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार संगठन युवा और नए चेहरों को प्राथमिकता देने के मूड में दिखाई दे रहा है, हालांकि अनुभव और संगठनात्मक योगदान को भी महत्व दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्रियों से भी की अहम मुलाकातें
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील से भी मुलाकात की। बैठक में राजस्थान की पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं, जल जीवन मिशन, राम जल सेतु लिंक परियोजना (ईआरसीपी) और यमुना जल समझौते पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके अलावा केंद्रीय शहरी विकास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई बैठक में जयपुर मेट्रो फेज-2 और फेज-3, अमृत 2.0 योजना, अर्बन चैलेंज फंड और विद्युत वितरण व्यवस्था को लेकर बातचीत हुई।
राज्यसभा चुनाव पर भी नजर
जून में राजस्थान से तीन राज्यसभा सीटें खाली होने जा रही हैं। विधानसभा में संख्या बल को देखते हुए भाजपा दो सीटों पर मजबूत स्थिति में मानी जा रही है। इसी को लेकर संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी इस बार महिला प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दे सकती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के राजनीतिक संदेश को मजबूत करने के लिए किसी महिला चेहरे को राज्यसभा भेजने की संभावना भी जताई जा रही है।
जल्द दिख सकते हैं बड़े राजनीतिक फैसले
दिल्ली में हुई इन बैठकों के बाद यह माना जा रहा है कि राजस्थान भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर जल्द कुछ बड़े फैसले सामने आ सकते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियां और राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का नया समीकरण तय कर सकती है।
