Written by : लेखराज शर्मा
शाहबाद/बारां, 27 फरवरी : इबादत और बरकत के मुकद्दस महीने रमजान को लेकर शाहबाद कस्बे के मुस्लिम समाज में भारी उत्साह और उल्लास देखा जा रहा है। भीषण गर्मी और कड़े अनुशासन के बीच छोटे बच्चों में भी खुदा की इबादत के प्रति खासा जुनून नजर आ रहा है। इसी क्रम में शाहबाद के मुस्लिम मोहल्ले में रेहान 7 वर्षीय सुपुत्र इरशाद ने इस वर्ष अपने जीवन का पहला रोजा रखा। नन्हे रेहान ने सुबह उठकर सेहरी की और दिन भर बिना खाए-पिए खुदा की इबादत में मशगूल रहकर शाम छः बजकर 32 मिनिट को इफ्तार किया। फूल-मालाओं से हुआ इस्तकबाल रेहान के इस जज्बे को देख परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई। शाम को रोजा इफ्तार के समय परिजनों ने रेहान का फूल-मालाओं से इस्तकबाल किया और उसे मुबारकबाद दी। और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। “बच्चों में बचपन से ही धार्मिक संस्कारों और अनुशासन का होना जरूरी है। रेहान का यह पहला रोजा हम सभी के लिए गर्व का पल है।”
